रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में बम धमाके के बाद बिना चैकिंग के लोगों की एंट्री जारी है। जोकि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
हालांकि रेलवे स्टेशन पर बम धमाके के बाद कड़ी सुरक्षा के लिए कमांडो, जीआरपी व आरपीएफ जवान तैनात किए गए है। बावजूद इसके लिए स्टेशन पर चोर रास्ते से लोगों का आवागमन जारी है।
विदित है कि 15 जनवरी 2016 को शाम के समय प्लेटफार्म नंबर पर चार पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन में सबसे आगे वाली बॉगी में कम क्षमता वाला बम धमाका किया गया।
जिसके बाद रेलवे स्टेशन छावनी में तब्दील कर दिया गया। रेलवे स्टेशन पर कमांडो, जीआरपी व आरपीएफ समेत सैंकड़ो जवान तैनात कर दिए गए।
पुलिस अधिकारियों ने सख्त आदेश देते हुए बिना चेकिंग के रेलवे स्टेशन पर एंट्री नहीं होने को कहा। बावजूद इसके रेलवे स्टेशन पर बिना चैकिंग के रेल यात्री सामान समेत एंट्री कर रहे हैं।
स्टेशन पर चारों तरफ से खुला होने पर सुरक्षा में पेंच
रेलवे स्टेशन पर चारों तरफ से खुला होने के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम में पेंच है। हालांकि धमाके के बाद रेलवे स्टेशन पर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है बावजूद इसके बिना चेकिंग के लोगों की एंट्री हो रही है।
छह दिन बाद आईजी ने छोड़ा रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में किए गए बम धमाके के बाद रेलवे आईजी परमजीत अहलावत ने पानीपत में ढेरा डाले रहे। धमाके के छठे दिन बाद भी रेलवे आइजी स्टेशन पर मौजूद रहे।
उन्होंने दिनभर अधिकारियों के साथ मीटिंग की और उसके बाद शाम को रेलवे स्टेशन से अपने कार्यालय को रवाना हुए।
स्टेशन पर यहां से हो रही एंट्री
रेलवे स्टेशन पर जाटल रोड, असंध रोड प्लेटफार्म नंबर एक पर, मॉडल टाउन की ओर रेलवे क्वाटर बारात घर के पास आदि जगह से रेलवे स्टेशन पर बिना चेकिंग के ही लोगों का आवागमन जारी है। हालांकि स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए गए है, लेकिन बिना चेकिंग के आने वाले सुरक्षा को ठेंगा दिखा रहे है।
रेलवे स्टेशन पर चारों तरफ कमांडो व जीआरपी, आरपीएफ जवान तैनात किए गए हैं। प्लेटफार्म पर बिना चेकिंग के किसी को आने नहीं दिया जा रहा है। अगर कोई चोर रास्ते से एंट्री हो रही है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। धमाके के बाद पुलिस पूरी तरह गंभीर है। वहीं मामले की जांच की जा रही है।
सुरेश कौशिक, डीएसपी जीआरपी।