एक बार फिर से बिजली निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। बिजली चोरी के केस से बचाने की एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने मामले की आला अधिकारियों और विजिलेंस से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने जेई और उसके सहयोगियों का एक ऑडियो भी अधिकारियों को दिया है।
यह है मामला
वार्ड नंबर 24 की गोपाल कॉलोनी निवासी अशोक ने गृहमंत्री को शिकायत दी कि छह अगस्त को मॉडल टाउन सब डिवीजन के जेई सुरेश रोहिल्ला, सुशील व अन्य दो तीन बिजली कर्मचारियों ने बिजली चोरी का केस बनाकर उनका मीटर उखाड़ लिया। करीब डेढ़ लाख रुपये की बिजली चोरी का केस बनाने का डर दिखाया। मामले को रफादफा करने को 30 हजार रुपये की मांग रखी। आरोप है कि जेई ने अपने कर्मियों को आगे किया और रिश्वत के पैसे लिए। पीड़ित ने दस हजार रुपये दिए और बाकी अगले दिन देने की बात की। इसपर बात बिगड़ गई।
विजिलेंस को भी दी शिकायत, लेकिन नहीं की कार्रवाई
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत स्टेट विजिलेंस को भी दी। विजिलेंस टीम ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने का पूरा आश्वासन दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई।
76 हजार की जगह गलती से बना 12 हजार रुपये का बिल : जेई
आरोपों पर जेई सुरेश रोहिल्ला ने कहा कि छह अगस्त को बिजली चोरी करने के आरोप में मीटर उखाड़ने की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है। इसका बिल 76 हजार रुपये बनाया जाना था, जो गलती से 12 हजार बना। उसे रिवाइज नोटिस दिया था। वायरल ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। न ही उन्होंने कभी पीड़ित से फोन पर बात की।
मामले की शिकायत व अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को उनके बयान देने के लिए बुलाया जा रहा है। अगर बिजली निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों पर लगे आरोप सिद्ध होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रामेंद्र मलिक, एसडीओ, अतिरिक्त चार्ज एक्सईएन सिटी।