संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। रोहतक के जसिया गांव के कुशल के अपहरण और हत्या के मामले में जीआरपी ने शुक्रवार को आठवें आरोपी गांव के ही संजय को गिरफ्तार किया। कुशल की हत्या 4 मई को सोनीपत के मुंडलाना रेलवे स्टेशन से अपहरण के बाद की गई थी।
पुलिस के अनुसार, हत्यारोपियों ने कुशल के शव को रेलवे लाइन के नजदीक फेंक दिया था। जीआरपी ने आरोपी संजय को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जीआरपी थाना प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि संजय ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकारा है। इस मामले में पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
जीआरपी पानीपत को सोनीपत के मुंडलाना गांव के पास एक व्यक्ति का शव मिला था। शव की पहचान रोहतक के जसिया गांव के कुशल के रूप में हुई थी। जीआरपी ने 8 मई को पांच आरोपियों अंकित, अंशु, अमित, उनकी मां निर्मला और मामी मंजू को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुशल ढाई साल पहले उनकी बहन को प्रेमजाल में फंसाकर ले गया था। गांव में एक पंचायत हुई थी जिसमें तय हुआ था कि कुशल तब तक घर नहीं आएगा जब तक उनकी बहन की शादी नहीं हो जाती। कुशल 25 अप्रैल को अपने पिता की मौत पर घर आया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।
अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार
कुशल की हत्या के 38 दिन बाद आठवें आरोपी संजय को गिरफ्तार किया गया है। जीआरपी ने पहले सात आरोपियों को जेल भेजा था। इनमें अंकित, अंशु, अमित, उनकी मां निर्मला और मामी मंजू शामिल थे। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। मामले की जांच जारी है।