माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के गृह जिले में करीब 35 स्कूलों के भवन खस्ताहाल हैं। इनमें करीब 15 स्कूल सीनियर सेकेंडरी और 20 प्राइमरी व हाई स्कूल हैं। इन स्कूलों में किसी के कमरे, किसी का हॉल तो किसी की चहारदीवारी खस्ता है।
विभाग ने इन स्कूलों की रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी है। वहीं इन सबके बीच शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा स्कूलों में ढांचागत स्थिति सुधारने के लिए खुद मैदान में उतर आए हैं। वे दो दिन में जिले के दो स्कूलों में पहुंचे। तहसील कैंप स्थित राजकीय सीसे स्कूल में बच्चों की अपेक्षा कमरे कम मिले।
राजकीय सीसे स्कूल दीवान में पांच कमरों का उद्घाटन किया। इसके साथ जीटी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल की सौगात मिलने की तारीख भी तय कर दी। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज शुक्रवार को भवन का उद्घाटन करेंगे।
अमर उजाला ने कैसी है पाठशाला के अंतर्गत शहर से लेकर गांवों तक के सरकारी स्कूलों की स्थिति जानी थी। अमर उजाला ने शहर के बीचोंबीच स्थित जीटी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के पैतृक गांव कवी, पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार के पैतृक गांव मतलौडा के स्कूलों की स्थिति चिंताजनक मिली थी।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बुधवार शाम को तहसील कैंप स्थित राजकीय सीसे स्कूल का निरीक्षण किया था। उन्होंने यहां व्यवस्थाओं की जांच की। इसके साथ मिड-डे-मील की रसोई में राशन देखा। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ बात की। महिपाल ढांडा ने अपने सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो साझा किए। उन्होंने बताया कि स्कूल में सबसे बड़ी जगह की कमी है। इसके लिए जल्द काम किया जाएगा। स्कूल में पिलर पर बनाने के साथ अन्य विकल्प तलाशे जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने वीरवार को राजकीय सीसे स्कूल दीवाना में पांच कमरोंं का उद्घाटन किया।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा इस दौरान बच्चों के बीच जाकर बैठ गए। वे पहले छात्राओं और फिर छात्रों के बीच बैठे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमें अपने जीवन में भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को ग्रहण कर उनके संदेश पर अमल करना है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था कि कर्म करें फल की चिंता मत करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर अपने कार्य को पूरी लगन के साथ करना चाहिए।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बुधवार शाम को पानीपत के तहसील कैंप स्थित राजकीय सीसे स्कूल का औचक निरीक्षण किया था। वे कक्षाओं और विज्ञान लैब में भी गए थे। इसके साथ मिड-डे-मील की रसोई में राशन की जांच की थी।