समालखा। कांग्रेसी विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी धर्म सिंह छौक्कर के समालखा स्थित निवास पर मंगलवार को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापामारी की। इस दौरान टीम के साथ सीआरपीएफ के जवान भी थे, ताकि किसी तरह के विरोध से निपटा जा सके। छापामारी के दौरान टीम ने विधायक धर्म सिंह छौक्कर की गुरुग्राम स्थित फर्मों के कागजातों को कब्जे में लिया है। साथ ही उनके पेट्रोल पंप के दस्तावेज भी खंगाले गए हैं। देर शाम तक छापामारी चलती रही।
ईडी की टीम मंगलवार की सुबह करीब छह बजे तीन गाड़ियों से विधायक धर्मसिंह छौक्कर के पेट्रोल पंप पर पहुंची। थोड़ी देर यहां जांच पड़ताल करने के बाद पास ही स्थित उनके आवास पर टीम ने छापामारी की। आवास में प्रवेश करते ही टीम ने गेट को अंदर से बंद कर लिया। कोठी पर विधायक धर्मसिंह छौक्कर के भाई रणधीर व उनकी पत्नी थी। इनके मोबाइल बंद करवाकर मेज पर रखवा दिए गए। पेपर और गाड़ियों की चाबी भी टीम ने ले ली। कार्रवाई के दौरान टीम ने कंप्यूटर, लैपटॉप सहित आलमारियों को गहनता से खंगाला। विदित हो कि विधायक धर्म सिंह छौक्कर की गुरुग्राम स्थित रियल एस्टेट कंपनी पर काफी समय से सवाल उठते आए हैं। कुछ दिन पहले उनकी कंपनी के रास्ते को लेकर भी विवाद पैदा हो गया था। अब उन पर आरोप लग रहे हैं कि विधायक धर्म सिंह छौक्कर के बेटे विकास छौक्कर ने लोगों से करोड़ों रुपये लेकर उन्हें समय पर फ्लैट नहीं दिए हैं। इसके अलावा उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के भी आरोप हैं।
ईडी की छापामारी की सूचना पर विधायक धर्म सिंह छौक्कर के समर्थक उनके आवास के बाहर जुट गए। एक ओर जहां छापामारी कार्रवाई होती रही, वहीं दूसरी ओर समर्थकों ने विधायक धर्म सिंह छौक्कर जिंदाबाद के नारे लगाए। समर्थकों का आराेप है कि सरकार धर्म सिंह छौक्कर की बढ़ती लोकप्रियता से डरी हुई है। यही कारण है कि बदले की राजनीति से कार्रवाई की जा रही है।
17 मार्च 2021 को भी आयकर विभाग और ईडी ने विधायक धर्म सिंह छौक्कर की कोठी, उसके गांव टिटाना स्थित फार्म हाऊस, पेट्रोल पंप व गुरुग्राम डीएलएफ फेज-वन और सेक्टर-43 स्थित कार्यालय में छापामारी की थी। उनके दिल्ली व चंडीगढ़ स्थित आवासों व कार्यालयों पर भी छापे मारे गए थे।
पुलिस में 16 साल नौकरी करने के बाद राजनीति में आए छौक्करविधायक छौक्कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाते हैं। धर्म सिंह छौक्कर ने 16 साल पुलिस में नौकरी भी की है। इनके बड़े भाई इंद्र सिंह छौक्कर राजनीति में सक्रिय थे। उनकी 2009 में मौत हो गई। इसके बाद धर्म सिंह छौक्कर राजनीति में आए थे। वर्ष 2009 में हरियाणा जनहित पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ा और समालखा विधानसभा से जीत दर्ज की। वह वर्ष 2014 तक विधायक रहे, लेकिन इसी साल हुए चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर हार गए। वर्ष 2019 में फिर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी शशिकांत कौशिक को हराकर फिर से विधायक बने थे। उनके बेटे सिकंदर और छोटे बेटे विकास का गुरुग्राम में कंस्ट्रक्शन का बड़ा कारोबार है। पौत्री के नाम समालखा में पेट्रोल पंप है। गांव में फार्म हाउस है। गुरुग्राम में प्रॉपर्टी का भी काम है।
छापामारी के दौरान परिजन और नौकर व अन्य कर्मियों को कोठी से बाहर नहीं जाने दिया गया। विधायक के अंगरक्षक, पीए सहित करीबी को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। कोठी पर तीन महिला पुलिसकर्मियों सहित 10 कर्मियों की अंदर-बाहर तैनाती थी।