संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए पेयजल के 15 नमूनों में से दो में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है। दोनों देशराज कॉलोनी व शिव नगर के हैं। जबकि पांच में क्लोरीन नहीं मिली या फिर मात्रा बहुत कम है। वहीं पिछले दिनों लिए गए 188 में से 148 नमूनों में क्लोरिन नहीं मिली जबकि एक में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है। 40 में ही क्लोरीन की मात्रा पूरी मिली है। ई-कोलाई बैक्टीरिया से एनीमिया और किडनी फेल होने तक का खतरा हो सकता। स्वास्थ्य विभाग ने अब पेयजल की जांच तेज कर दी है।
संदिग्ध बीमारी व डायरिया से इस साल अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को देशराज कॉलोनी, हरि सिंह कॉलोनी, वधावा राम कॉलोनी, बत्रा कॉलोनी, कश्यप कॉलोनी, धूप सिंह नगर, सेक्टर-12 से पेयजल के 10 नमूने लिए हैं। डॉ. रिंकू सांगवान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पेयजल व खाद्य पदार्थों के नमूनों की संख्या बढ़ा दी है। पेयजल में क्लोरीन व ई-कोलाई की मात्रा लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही है। शुक्रवार को टीम ने पेयजल के 15 नमूने लिए थे। इनमें से दो जगह से नमूने फेल आए हैं। इनमें ई-कोलाई की मात्रा पाई गई।
ई-कोलाई बैक्टीरिया का एक समूह है, जो शरीर के कई भागों में संक्रमण पैदा कर सकता है। जिससे खूनी दस्त जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। विभागीय जांच में लीकेज के चलते दूषित पेयजल इसका कारण बन रहा है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व नगर निगम को पत्र लिखकर ठीक कराया जा रहा है। टीमें सैंपल लेने के साथ लोगों को सफाई रखने के लिए भी जागरूक कर रही हैं।
ई-कोलाई-
ई-कोलाई बैक्टीरिया का एक समूह है। जो आंत (जठरांत्र पथ), मूत्र मार्ग और शरीर के अन्य भागों में संक्रमण पैदा कर सकता है। ज्यादातर समय यह आंत में बिना नुकसान पहुंचाए रह सकता है। इसके कुछ प्रकार पतले दस्त, उल्टी और बुखार से बीमार कर सकते हैं। हेमोलिटिक यूरेमिक सिंड्रोम पैदा करने वाले ई-कोलाई बैक्टीरिया शिगा टॉक्सिन नामक एक विष बनाते हैं। यह विष रक्तप्रवाह में प्रवेश करता है और लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे एनीमिया और किडनी फेल तक हो सकता है।
पेयजल के दो नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है। टीम ने देशराज कॉलोनी व शिव नगर में सर्वे किया है। यहां पेयजल पाइप में लीकेज का समाधान कराया जा रहा है। खलीला गांव में भट्ठे और चांदनी बाग क्षेत्र में श्रमिक की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट करनाल मधुबन से आएगी। इन मौत के कारणों की तभी पुष्टि हो पाएगी।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ
डॉ. विजय मलिक। संवाद