नेत्र रोग विशेषज्ञ न होने से बंद पड़े कक्ष। संवाद
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को बार-बार बिजली के कट लगे। छह घंटे की ओपीडी में आठ से 10 बार कट लगने से अस्पताल में दिन के समय अंधेरा छाया रहा। ऐसे में मरीजों व चिकित्सकों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ न होने से करीब 150 मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा और अस्पताल का जन औषधि केंद्र ओपीडी से आधे घंटे पहले ही बंद कर दिया गया। ऐसे में मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से महंगी दवा खरीदनी पड़ी।
जिला नागरिक अस्पताल की सोमवार को ओपीडी करीब 1800 रही। इसमें 1100 पुराने और 700 नए मरीज पहुंचे। सुबह आठ बजे से पहले ही लोग पंजीकरण कराने पहुंच गए। नेत्र रोग विशेषज्ञ की शिविर में ड्यूटी लगा दी गई। ऐसे में ओपीडी में कोई दूसरे चिकित्सक नहीं मिले। इससे करीब 150 मरीजों को बिना इलाज व दवा के लौटना पड़ा। अस्पताल में करीब 12:16 से करीब पांच मिनट तक बिजली कट रहा। इसके बाद कई बार दो-दो मिनट के बिजली कट लगे। इससे चिकित्सकों ने अंधेरे या फोन की लाइट का सहारा लेकर मरीजों का इलाज किया और दवा दी। ज्येष्ठ माह में तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। इस दौरान अस्पताल में बिजली कट लगने से मरीजों को गर्मी का सामना करना पड़ा। छोटे बच्चों को गर्मी में ज्यादा परेशानी हुई।
मरीज बोले- लाइनों में लग रहा ज्यादा समय
शिव चौक की प्रियंका और सूरज ने बताया कि वे कान और गले में दर्द के इलाज के लिए सुबह 10 बजे अस्पताल आए। पहले पंजीकरण कराने के लिए करीब एक घंटे लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद चिकित्सक कक्ष के बाहर लंबी लाइन होने से करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा। इस बीच बार-बार बिजली कट होने से उन्हें अंधेरे में बैठना पड़ा। चिकित्सक जांच के बाद फार्मेसी की लाइन में दवा लेने के लिए वे एक घंटे लाइन में लगे। इसके बाद भी चिकित्सक की ओर से लिखी चार में से दो दवा ही मिल पाई। वे करीब डेढ़ बजे जन औषधि केंद्र पर दवा लेने के लिए आए तो बंद मिला। उन्हें दो दवा बाहर मेडिकल स्टोर से महंगे दाम पर दवा खरीदनी पड़ी।
बिजली आपूर्ति की कुछ समस्या रही है। अस्पताल में जेनरेटर लगाया गया है। पूरा दिन दो से पांच मिनट के कट लगे। जरूरत पड़ते ही जेनरेटर का प्रयोग किया गया है।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
नेत्र रोग विशेषज्ञ न होने से बंद पड़े कक्ष। संवाद
नेत्र रोग विशेषज्ञ न होने से बंद पड़े कक्ष। संवाद