पानीपत। जीटी रोड पर नांगल खेड़ी गांव के नजदीक फ्लाईओवर के डिजाइन और कट पर सवाल उठे हैं। नांगल खेड़ी गांंव के ग्रामीणों का कहना है कि जीटी रोड पर फ्लाईओवर की ऊंचाई अधिक कर दी गई। ऐसे में फ्लाईओवर से आगे नीचे उतरने पर शहर में आने वाले वाहनों के लिए कट की जगह कम है।
चालक फ्लाईओवर से नीचे उतरते समय गति में होने के चलते निर्णय नहीं ले पाते। ऐस में वे या तो एलिवेटेड हाईवे पर चढ़ जाते हैं या फिर नीचे उतरने के चक्कर में ग्रिल से टकरा जाते हैं। ग्रामीणों ने एलिवेटेड हाईवे की ग्रिल हटाकर शहर की तरफ आने वाले कट को बड़ा करने की मांग भी उठाई है। जीटी रोड पर नांगल खेड़ी गांव से एलिवेटेड हाईवे शुरू होता है। यह करीब 10 किलोमीटर लंबाई में शहर के ऊपर से बनाया गया है। दिल्ली की तरफ से पानीपत शहर में आने वाले वाहन चालकों के लिए नांगल खेड़ी गांव के चौक पर कट दिया गया है। अब गांव से पहले जीटी रोड पर फ्लाईओवर बना दिया है। एनएचएआई ने इसका निर्माण कराया था। उस समय उद्यमियों ने माल से भरी गाड़ियों के ओवरब्रिज से टकराने की बात कही थी और इसकी ऊंचाई बढ़ाने की मांग की थी। इंजीनियरों ने उस समय के मुद्दे का हल निकालते हुए इसकी ऊंचाई बढ़ा दी थी।
फ्लाईओवर को ऊंचा उठाने से इसका अगला हिस्सा शहर की तरफ आने वाले कट के ऊपर आ गया है। जजपा नेता देवेंद्र कादियान ने बताया कि वे ग्रामीणों की मांग पर गत सप्ताह नांगलखेड़ी चौक पर गए थे। यहां फ्लाईओवर की ऊंचाई होने से आगे कट की जगह कम रह गई है। ऐसे में वाहन चालक निर्णय नहीं ले पाते।
वे या तो एलिवेटेड हाईवे पर चढ़ जाते हैं या फिर नीचे उतरने की चक्कर में ग्रिल से टकरा जाते हैं। ग्रामीण राजकुमार मलिक, पूर्व सरपंच राममहेर मलिक, कृष्ण, नरेश कादियान व बलराज ने बताया कि उस समय किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। अब हादसे बढ़ने लगे हैं। प्रशासन और एनएचएआई को कट की जगह को बढ़ा देना चाहिए।