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पानी की कमी से खेतों में पड़ने लगी थीं दरारें, बारिश ने बचाया

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सतीश शर्मा
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बापौली। पानी की कमी से बापौली-सनौली खंड के किसानों की पेशानी पर चिंता की लकीरें उभर आईं थी। यहां तक कि कुछ किसानों के खेतों में पानी की कमी से दरारें भी पड़ने लगीं थीं, लेकिन दो दिन से हो रही झमाझम बारिश ने किसानों की परेशानी को दूर कर दिया। दो दिन की बारिश से लग चुकी और लगने वाली धान की फसल को फायदा होगा। साथ ही खेतों में धान रोपाई के काम में तेजी आ गई है।
बापौली खंड में अभी ज्यादातर किसान धान की फसल लगाने के लिए खेतों को तैयार कर रहे हैं। जिसके लिए पानी की जरूरत पड़ती है और बारिश नहीं होने से समस्या आ रही थी, जिसे बारिश ने दूर कर दिया है। पानी की अत्यधिक जरूरत होने के चलते ट्यूबवेल के जरिए धान खेत को तैयार नहीं हो पा रहे थे। हालांकि अब इससे निजात मिली है। संवाद
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एक दिन में खेत धान की रोपाई के लिए हुए तैयार
गांव कुराड़ के किसान प्रदीप शर्मा ने खेत में धान रोपाई काम बारिश के साथ ही शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले ज्यादा तापमान होने के चलते बिजली के कट भी बढ़ गए थे। जिसकी वजह से खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा था। धान की रोपाई संभव ही नहीं थी। रात भर जागकर जितना पानी खेत में देते थे, दिन में अधिक तापमान के चलते पानी सूख जाता था। अब बारिश आने के बाद हमारी परेशानी कुछ हद तक तो दूर हो गई है। अगर बारिश अच्छी चली तो सोने पे सुहागा होगा। वीरवार को एक दिन में खेत धान की फसल लगाने के लिए तैयार हो चुके हैं।
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धान की फसल के लिए अब प्राकृतिक रूप से मिल गया पानी
किसान कुलदीप देशवाल ने बताया कि गर्मी और पानी नहीं मिलने से खेतों में दरारें पड़नी शुरू हो गईं थीं। अब बारिश की वजह से खेतों में पर्याप्त पानी है। अब फसलों को प्राकृतिक तरीके से पानी मिल गया है। जिससे न केवल पहले से लगी हुई धान की फसल को फायदा होगा बल्कि अब रोपी जाने वाली फसल में भी कोई परेशानी नहीं होगी।
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