केवल एक घंटे की मूसलाधार बारिश में ही जिले का बस डिपो जलमग्न हो गया। बस डिपो में दिन भर घुटनों तक पानी भरा होने के कारण न तो बसें डिपों के अंदर जा रही थीं, न ही कोई यात्री। यह पहली बार नहीं है कि डिपो में पानी भर गया, हर बारिश में ही डिपो में पूरी तरह से पानी भर जाता है। वहीं चंडीगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों को डिपो के सामने पुल के नीचे पानी में रहकर ही बसों का इंतजार करना पड़ा। बस डिपो के बाहर नालों के ढक्कन खुले होने के कारण भी यात्री उसमें गिरकर चोटिल हो गए।
तेज बारिश व जलभराव के कारण पानीपत डिपो से सभी बसों का संचालन नहीं किया गया। पानीपत डिपो से दिनभर में लगभग 80 बसों का संचालन किया जाता है। लेकिन बरसात व जलभराव होने के कारण पानीपत डिपो से 60 से 70 बसों का ही संचालन हो पाया है।
बसों में बैठने के बाद भी यात्रियों को घंटों जाम खुलने का करना पड़ा इंतजार
बसों में बैठने के बाद भी यात्रियों को घंटों तक पानीपत से बाहर निकलने में व जाम खुलने कर इंतजार करना पड़ा। बस डिपो से बसों में बैठने के बाद यात्रियों को अनाज मंडी तक भारी जाम का सामना करना पड़ा। वहीं चंडीगढ़ की ओर जाने वाली बसों को अनाज मंडी से लेकर स्काईलार्क में जाने में जहां 10 मिनट लगते थे, उनको 30 से 40 मिनट लगे।