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Panipat News: टैरिफ वार के बीच बिजली की बढ़ी दरों की मार, धागे के रेट ढाई से तीन रुपये तक बढ़े

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पानीपत। स्थानीय कारोबार पर टैरिफ वार के बीच बिजली की बढ़ी दरों ने दोहरी चोट पहुंचाई है। फलस्वरूप कच्चा माल महंगा हो गया है। धागे का रेट ढाई से तीन रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गया है। ऐसे में उत्पाकों की लागत बढ़ने से निर्यातक चिंतित हैं। निर्यातकों के सामने संकट इसलिए भी और गहरा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए कीमत बढ़ाना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा। निर्यातक बिजली दरों के मुद्दे पर सरकार से बातचीत करने की तैयारी कर रहे हैं।
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हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर की एडवाइजरी कमेटी ने इसके लिए मॉडल टाउन स्थित एक होटल में बैठक कर विस्तार से चर्चा की। जिसमें उद्यमियों ने अपनी-अपनी समस्या रखी। चैंबर के प्रधान विनोद धमीजा ने कहा कि बैठक में अलग-अलग क्षेत्र के उद्यमियों ने अपनी बात रखी हैं। इसमें उनकी समस्या सुनने के साथ समाधान पर भी चर्चा की है। इसके लिए जल्द ही मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री के साथ बैठक की जाएगी।
धमीजा ने बताया कि अमेरिका ने पिछले दिनों टेक्सटाइल पर टैरिफ छह से बढ़ाकर 26 कर दिया था। इसके चलते निर्यातकों को ऑर्डर पूरा करने में भी परेशानी आने लगी थी। बायर ने ऑर्डर लेने के लिए अपनी शर्त लगानी शुरू कर दी थी। अमेरिका की ओर से 90 दिनों के लिए टैरिफ दरों में वृद्धि रोक देने से निर्यात ऑर्डर पूरा करने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में बिजली की नई दरों ने परेशानी बढ़ा दी है। वर्तमान में 165 रुपये प्रतिकिलो वाट से बढ़ाकर सीधे 290 रुपये कर दी गई है। ऐसे में यार्न के रेट ढाई से तीन रुपये तक बढ़ा दिए हैं। इससे कारोबार प्रभाविकत होगा।
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कोट...
नार्दन इंंडिया रोटर एसोसिएशन के प्रधान संजय गर्ग ने बताया कि रि-साइकिल उद्योग पिछले चार से पांच साल में लगातार बढ़े हैं। यह बिजली आधारित उद्योग हैं। पंजाब के समाना के उद्योग के साथ मुकाबला है। पानीपत में इसके करीब 250 इकाइयां हैं। इनमें दो हजार टन धागा प्रतिदिन बनाया जाता है। एक उद्योग 50 से 60 लाख की बिलिंग करता है। पंजाब और हरियाणा के बिजली टैरिफ में करीब 10 प्रतिशत का अंतर है। पानीपत में धागा बनाने में प्रति किलोग्राम करीब 18 रुपये खर्च आता है। जबकि पंजाब के समाना में 15 रुपये खर्च आता है। यह बड़ा अंतर है। ऐसे में रेट बढ़ाना जरूरी है। यह नहीं किया तो यूनिट बंद करने को मजबूर होना पड़ेगा।

कोट
नार्दन इंंडिया रोटर एसोसिएशन के सचिव गौरव बठला ने बताया कि पानीपत में गारमेंट और बेडशीट के धागे की मांग अधिक है। पानीपत का पंजाब के समाना के उद्योग के साथ कंपटीशन है। एक इंडस्ट्री का 1200 किलोवाट के कनेक्शन है। बिजली के नए टैरिफ पर हर महीने एक एक फैक्टरी पर चार लाख रुपये तक का बोझ पड़ा है। यह बड़ी राशि है। ऐसे में धागे का रेट ढाई से तीन रुपये तक बढ़ाया है। एक से दो रुपये किलोग्राम के मार्जिन पर ही काम कर रहे थे।
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