बरसत रोड पर बगैर नक्शे के अवैध रूप से बनी छह फैक्टरियों को तोड़ने पर मंगलवार को जिला नगर योजनाकार और शहरी विधायक प्रमोद विज आमने सामने आए गए। शहरी विधायक का आरोप है कि डीटीपी उद्यमियों को तंग कर भ्रष्टाचार फैला रहे हैं, जबकि डीटीपी ने पलटवार करते हुए कि विधायक उन्हें कार्रवाई करने से रोक रहे हैं। उन्होंने तबादला कराने की बात भी कही है।
जिला नगर योजनाकार का दस्ता मंगलवार को बरसत रोड स्थित श्री राम दशहरा कमेटी के प्रधान भीम सचदेवा की फैक्टरी समेत छह फैक्टरियों पर कार्रवाई करने पहुंचा। डीटीपी ललित कुमार ने पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीन से ड्रेन नंबर-2 के पार बगैर पूर्व सूचना के अवैध निर्माणों को गिरा दिया। इस दौरान फैक्टरी में खड़ी बुलेरो कार, फर्नीचर और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान सीटीएमए के प्रधान राकेश चुघ, भाजपा नेता तरुण गांधी, पूर्व पार्षद हरीश शर्मा, नगर परिषद के पूर्व प्रधान मुकेश टूटेजा, मनीष जावा, पूर्व पार्षद राम कुमार सैनी, राहुल आहूजा, भूषण मदान व हरबंस आनंद भी पहुंच गए।
शहरी और ग्रामीण विधायक मिलाते रहे फोन, डीटीपी ने नहीं उठाया
कार्रवाई से उद्यमी भड़क उठे। उन्होंने शहरी विधायक प्रमोद विज और ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा को बताया। दोनों विधायक डीटीपी को बार-बार कॉल करते रहे, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। मौके पर मौजूद उद्यमियों ने फोन पर विधायक की बात कराने की कोशिश की, लेकिन डीटीपी ने इंकार कर दिया। जिस पर विधायक प्रमोद विज भड़क गए और मौके पर पहुंचकर डीटीपी को कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी।
फरवरी में शुरू हुआ मामला, कार्रवाई के दौरान अधिकारी को मारा था थप्पड़
फरवरी में सनौली रोड पर डीटीपी ने एक अवैध फैक्टरी गिराई थी। जिस पर जमकर हंगामा हुआ था। वहां पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह भी पहुंच गए थे। मामला इतना बिगड़ गया था कि डीटीपी विभाग के एक अधिकारी को थप्पड़ मार दिया गया था। पूरा मामला मुख्यालय पहुंचा और डीटीपी ने पूर्व मेयर के खिलाफ शिकायत दी थी। फिर मामले को शांत करने के लिए दोनों विधायक, उद्योगपतियों और डीटीपी की मीटिंग में तय हुआ कि जो उद्यमी सीएलयू के लिए आवेदन कर देंगे, उनकी फैक्टरी नहीं टूटेगी।
बोले सचदेवा
उद्यमी भीम सचदेवा ने बताया कि सचिवालय में पटवारी और कानूनगो न मिलने से कागजात पूरे नहीं हो सके। डीटीपी ने मुलाकात में कुछ वक्त देने के लिए कहा था, लेकिन अब बिना नोटिस दिए ही फैक्टरी तोड़ दी। करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जहां से सेवा की जाती है, डीटीपी उस फैक्टरी को छोड़ देते हैं। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने सभी अधिकारियों को आदेश दिए थे कि विधायकों को सम्मान दें, लेकिन डीटीपी ने फोन न उठाकर आदेशों की अवहेलना की है। -प्रमोद विज, शहरी विधायक
उद्यमियों ने जिला नगर योजनाकार कार्यालय की ओर से बगैर नक्शे की अनुमति के लिए अवैध रूप से फैक्टरी बना रखीं हैं। जिन पर कार्रवाई की गई। विधायक विज कार्रवाई करने से रोक रहे थे। उन्होंने तबादले की कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
ललित कुमार, डीटीपी