माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पानीपत व समालखा तक दोपहर के समय हल्की से मध्यम बूंदाबांदी हुई। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बूंदाबांदी हुई है। वीरवार को भी हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे, इसके बाद मौसम साफ रहेगा। मौसम के एक साथ करवट लेने से धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई।
कई दिन से मौसम सामान्य था। बुधवार दोपहर करीब एक बजे एक साथ बादल घिर आए। कुछ देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। पानीपत से समालखा तक बूंदाबांदी हुई। समालखा में बूंदाबांदी कुछ तेज रही। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.1 और न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री दर्ज किया। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में एक साथ बदलाव आया है। जिले में वीरवार को हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे।
मंडियों में धान की आवक शुरू
मौसम में एकाएक बदलाव के चलते धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई। खासकर मंडी में आए किसानों को धान भीगने का डर सताने लगा। पानीपत अनाज मंडी में आए किसान रणबीर और बिजेंद्र ने बताया कि धान मुश्किल से तैयार हुआ है। अब बारिश आती है तो तैयार फसल खराब हाेने में समय नहीं लगेगा। जिले की मंडियों में धान की किस्म 1509 की आवक शुरू हो गई है। अब तक करीब 400 क्विंटल धान की आवक हुई है।
बारिश के कारण उत्पादन में आई कमी
अनाज मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि अभी मंडी में धान की कुछ ढेरी आई हैं। अब 1509 धान का रेट 3000-3200 रुपये प्रति क्विंटल है। पिछले साल भी शुरुआती दौर में धान की कीमत 3000 से 3200 रुपये थी। बारिश के कारण उत्पादन और गुणवत्ता में कमी आई है। नौल्था गांव के किसान राकेश जागलान ने बताया कि लंबे समय तक बारिश होने का असर धान के उत्पादन पर देखने को मिल रहा है। अचानक गर्मी और तापमान बढ़ने से धान की फसल में बीमारी पनपने का भी खतरा है। भालसी गांव के किसान जितेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के कारण धान के उत्पादन और गुणवत्ता में कमी आएगी।