पानीपत। पानीपत में नेशनल हाईवे पर एक निजी कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही से बड़ा हादसा हो गया। एलिवेटेड हाईवे कॉरिडोर की करीब 25 फीट ऊंचाई से ड्रेनेज पाइप नीचे जीटी रोड पर गिर गई। करीब दो सौ मीटर लंबी और 50 क्विंटल दूषित पानी से भरी ड्रेनेज पाइप के नीचे दबने से गाड़ी और मोटरसाइकिल टूट गई। हादसे में दो गाड़ियां और एक मोटरसाइकिल सवार समेत छह लोग घायल हो गए। इनमें तीन की हालात गंभीर बनी हुई है। एक मोटरसाइकिल सवार के एक पैर की छोटी अंगुली कट गई। इनको नजदीक के हैदराबादी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। थाना शहर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। टूटे वाहनों के मालिकों को कंपनी के नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
हादसा सोमवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे का है। गौरतलब है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना के संबंध में हरिनगर निवासी प्रवीण कुमार ने बताया कि वह लोडेड छोटे हाथी में धागा लेकर काबड़ी रोड से सिवाह गांव स्थित फैक्ट्री में जा रहा था। उसका भाई विमल भी साथ वाली सीट पर बैठा था। वे ढाई बजे संजय चौक के नजदीक पहुंचे तो ऊपर से भारी पाइप उनकी गाड़ी पर आकर गिरा। उनकी गाड़ी का अगला हिस्सा और शीशा टूट गया। उनसे आगे चल रही एक स्वीफ्ट कार और दो मोटरसाइकिल समेत कई गाड़ियों पर पाइप गिरा। उसके भाई विमल के सिर व पैर में चोट लगी है। हादसे में स्विफ्ट डिजायर कार सवार गोहाना के छतेहरा गांव निवासी कृष्ण और मोटरसाइकिल सवार कैराना यूपी निवासी नौशाद समेत कई लोग घायल हो गए। इसी के साथ जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया। कोचिंग सेंटर से घर जाने के लिए बस के इंतजार में बैठे सनौली खुर्द निवासी अंशुल, सागर और विपिन ने स्विफ्ट डिजायर गाड़ी का शीशा तोड़कर घायल कृष्ण को सनौली रोड स्थित हैदराबादी अस्पताल में दाखिल कराया।
कृष्ण ने बताया कि वह खेती बाड़ी करता है और गाड़ी में किसी काम के बाद अपने घर लौट रहा था। वहीं अन्य लोगों ने मोटरसाइकिल सवार नौशाद को उठाकर हैदराबादी अस्पताल में दाखिल कराया। नौशाद ने बताया कि वह पेंट का काम करता है। सोमवार को दोपहर तक काम करने के बाद मोटरसाइकिल पर अपने घर जा रहा था। इस हादसे में उसके एक पैर की छोटी अंगुली कट गई और उसके हाथ व शरीर के बाकी हिस्से में गंभीर चोट लगी है। सूचना मिलते ही पानीपत शहर विधायक प्रमोद विज, एडीवी डॉ. पंकज यादव, एसडीएम पानीपत मनदीप सिंह, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार गिल और डीएसपी सुरेश सैनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौका मुआयना कर घायलों का हालचाल जाना और उनका इलाज कराने का भरोसा दिया। थाना शहर थाना पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज किए।
उल्लेखनीय है कि एनएचएआई ने शहर में नांगल खेड़ी से सेक्टर-18 तक करीब 10 किलोमीटर लंबाई में एलिवेटेड हाईवे कॉरिडोर बनाया है। एक निजी कंपनी को इसके निर्माण का ठेका दिया गया और कंपनी ने सेक्टर-18 में टोल लगाया। 2009 में इसका शुभारंभ किया गया था। इस पर करीब 403 करोड़ रुपये की लागत आई थी।
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हादसे का यह रहा कारण
निजी कंपनी ने एलिवेटेड हाईवे के बरसाती और दूषित पानी को उतारने के लिए करीब दस इंच की पाइप ड्रेनेज के लिए लगा रखे हैं। पाइप लोहे के एंकल का लॉक बनाकर लगाया गया है। पिछले दिनों आई बारिश के बाद पाइप में पहले से जमा गंदगी के चलते पाइप में पानी भर गया। इसके वजन से लोहे के एंकल के लॉक खुल गए और पाइप नीचे गिर गई। सिविल इंजीनियर की माने तो 200 मीटर लंबे दस इंच के पाइप में करीब 50 क्विंटल पानी हो सकता है। इसके अलावा इसमें सिल्ट भी थी।
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कंपनी की यह रही लापरवाही
एलिवेटेड हाईवे कोरिडोर की ड्रेनेज पाइप हर दो साल में बदलनी होती है। कंपनी के संबंधित लोगों ने एक बार ही ड्रेनेज पाइप को बदला है। जिसके चलते यह कई जगह से खस्ताहाल भी हो चुकी है। बारिश का पानी पाइप से नीचे गिरता रहता है, लेकिन कंपनी अधिकारियों ने इसको बदलने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। इसी अनदेखी के चलते सोमवार को हादसा हो गया।
वर्जन :
एलिवेटेड हाईवे कोरिडोर की ड्रेनेज पाइप नीचे गिरने की सूचना मिली थी। इसमें तीन घायल सामने आए हैं। घायलों के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें निष्पक्ष जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अजीत सिंह शेखावत, एसपी पानीपत।
वर्जन :
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
एलिवेटेड हाईवे कॉरिडोर की ड्रेनेज पाइप टूटने के मामले में एसडीएम पानीपत की अध्यक्षता में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच कमेटी में डीएसपी ट्रैफिक, एनएचएआई के इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी या नगर निगम एक्सईएन, टोल कंपनी मैनेजर को शामिल किया है। यह जांच कमेटी हादसा होने के कारण और भविष्य को देखते हुए जांच करेगी। पाइप को भी बदलवाया जाएगा।
डॉ. पंकज यादव, एडीसी पानीपत।