संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारियों ने चिकित्सकों की ड्यूटी स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए शिविर में लगाई गई है जिससे नागरिक अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक नहीं हैं। चिकित्सक न होने के कारण सोमवार को मरीजों को बिना दवा व इलाज के लौटना पड़ा। वहीं मरीजों की संख्या बढ़ने से बैठने के लिए पर्याप्त बेंच न मिलने से उनको फर्श पर बैठकर इंतजार करना पड़ा।
मौसम में बदलाव से जिला नागरिक अस्पताल में वायरल, खांसी-जुकाम, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने लगे हैं। फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन सुबह आठ बजे शुरू होती है जो दोपहर दो बजे तक रहती है। जिला नागरिक अस्पताल में रविवार को ओपीडी बंद होने से सोमवार को ओपीडी लगभग दो हजार रही। अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों से महंगा इलाज कराना पड़ा रहा है।
फिजिशियन की लगभग 250 ओपीडी रही। वहीं ईएनटी (कान, नाक, गला) विशेषज्ञ की ड्यूटी शिविर में होने से मरीजों को बिना इलाज व दवा के लौटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत शिविर में विशेषज्ञों को भी भेजा जा रहा है। अस्पताल में नौ महीने से चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है।
विभाग की ओर से चिकित्सकों की ड्यूटी सीएचसी, पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाई हैं जिससे अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं मिल पा रहे हैं। अभियान 2 अक्तूबर को समाप्त होगा। इसके बाद मरीजों को विशेषज्ञ अस्पताल में ही मिल जाएंगे। चमड़ी रोग विशेषज्ञ के लिए मांग भेजी गई है।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ पानीपत