पानीपत। कोरोना की तीसरी लहर की रफ्तार पहले से पांच गुना तेजी से बढ़ रही है। अब हर छह मिनट में जिले में एक व्यक्ति कोरोना की चपेट में आ रहा है। पिछले पांच दिनों में 15 सरकारी व दो निजी डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। सिविल अस्पताल के पीएमओ, डिप्टी एमएस, कोरोना टीकाकरण के नोडल अधिकारी, दो नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ व डेंटल सर्जन समेत आठ डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अब मरीजों को इलाज करने के लिए सामुदायिक केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से सिविल अस्पताल में आठ डॉक्टर बुलाए गए हैं। अस्पताल में ट्रेनिंग कर रहे 11 ट्रेनी डॉक्टरों को मरीजों के इलाज का जिम्मा दिया गया है, ताकि मरीजों को बिना इलाज घर न लौटना पड़े।
अस्पताल में 25 डॉक्टर उनमें से आठ संक्रमित
सिविल अस्पताल में रूटीन में मरीजों का इलाज करने वाले महज 25 डॉक्टर ही हैं। इनके अलावा सिविल सर्जन, पीएमओ, दो डिप्टी एमएस व छह डिप्टी सिविल सर्जन हैं। अब 25 में से आठ डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं।
सर्जरी को करना पड़ा बंद
कोरोना की तीसरी लहर में सिविल अस्पताल व अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के 15 सरकारी डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं। सरकार के अगले निर्देशों तक सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद, हड्डियों और दांतों की सर्जरी बंद रहेगी, क्योंकि सर्जरी करने से डॉक्टरों सीधे तौर पर मरीजों के संपर्क में आते हैं और उनका संक्रमित होने का भय अधिक रहता है। कोरोना के कारण पिछले दो सालों में सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद की महज 150 ही सर्जरी हुई है। मरीजों को सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
चार स्वास्थ्य केंद्रों के इंचार्ज संक्रमित
सिविल अस्पताल के अलावा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। समालखा अस्पताल, नौल्था सामुदायिक केंद्र, रेरकलां पीएचसी व काबड़ी पीएचसी की इंचार्ज की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है।
ईएनटी एवं नेत्र रोगियों को नहीं मिला इलाज
बुधवार को ईएनटी स्पेशलिस्ट ने अपनी कोविड जांच कराई है। वीरवार को वो छुट्टी पर रही। दोनों नेत्र रोग विशेषज्ञ कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। एक हड्डी रोग विशेषज्ञ भी संक्रमित है। दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ की ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटी थी इसलिए इन तीनों विभागों के मरीजों को वीरवार को इलाज नहीं मिला।
मरीज नहीं लगाते मास्क, इसलिए डॉक्टर हो रहे संक्रमित
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की बहुत अधिक भीड़ रहती है। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम टूटते हैं। मरीज बिन मास्क लगाए ही डॉक्टरों के कक्ष में घुस जाते हैं। मरीजों के सीधा संपर्क में आने से डॉक्टर संक्रमित हो रहे हैं।
तीनों लहर में 64 डॉक्टर हुए संक्रमित
कोरोना की तीनों लहर में अब तक जिले के 64 डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं। सिविल सर्जन व पीएमओ भी संक्रमित हो चुके है। कोरोना की तीनों लहर में अब तक 33 सरकारी डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
फील्ड से कुछ डॉक्टरों की लगाई गई है ड्यूटी
सिविल अस्पताल के कुछ डॉक्टर कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। फील्ड से कुछ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल में मरीजों को नियमित इलाज मिल रहा है। अभी हालात नियंत्रण में हैं। -डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन