सिविल अस्पताल में डॉक्टर बेशक 19 से बढ़कर 49 हो गए हैं, लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी संसाधनों की कमी के चलते मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
विभागीय अधिकारी पर्याप्त इलाज के दावे ठोक रहे हैं, लेकिन मरीजों का दुखड़ा सिविल अस्पताल की तबीयत को बयां करता है।
सिविल अस्पताल में 24 घंटे स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहता। अब डॉक्टरों को भी मजबूरन मरीजों को इलाज की खातिर रोहतक या खानपुर पीजीआई रेफर करना पड़ रहे हैं।
सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने सभी बीमारियों के डॉक्टर उपलब्ध करवा दिए हैं। अब सिविल अस्पताल में लगभग सभी बीमारियों के डॉक्टर हैं।
दिक्कत यह है कि डॉक्टरों के पास मरीजों का इलाज करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। सिविल अस्पताल में 24 घंटे स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध नहीं होता।
गंभीर रूप से घायल मरीज को बिना अधिक जांच और बिना स्पेशलिस्ट द्वारा चैकअप के रोहतक या खानपुर पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। आंखों के रोगियों को दवाईयां बाहर से लेनी पड़ रही है।
सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की भरपाई पूरी होने के बाद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। सिविल अस्पताल में अब भी वेंटिलेटर, 24 घंटे एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सुविधा, सिटी स्कैन, एमआरआई व 24 घंटे स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की मौजूदगी की सिविल अस्पताल में काफी कमी है। इन सबकी कमी के कारण सिविल अस्पताल रेफरल सेंटर बन गया है।
दो माह से आंखों की दवा तक नहीं
सिविल अस्पताल में पिछलें दो माह से आंखों से संबधित बीमारी के लिए दवाई उपलब्ध नहीं है। नेत्र चिकित्सक पिछले दो माह से सिविल अस्पताल प्रशासन से दवाइयों की मांग कर रही है। दवाइयां न होने के चलते मरीजो को बाहर से दवा लेनी पड़ रही हैं।
रेडियोलोजिस्ट व चमड़ी विशेषज्ञ की बाकी
सिविल अस्पताल में लगभग सभी बीमारियों के चिकित्सकों की नियुक्तियां कर दी गई है। अब सिविल अस्पताल में मात्र रेडियोलोजिस्ट व चमड़ी रोग विशेषज्ञ की कमी है।
सीएमओ की मांग पर स्वास्थ्य विभाग ने पानीपत सिविल अस्पताल में हर शनिवार को चमड़ी रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी लगा दी है। वहीं सीएमओ डा.इंद्रजीत धनखड़ ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर रेडियोलोजिस्ट व स्थाई रूप से चमड़ी विशेषज्ञ की मांग की है। सिविल अस्पताल प्रशासन को जल्द रेडियोलोजिस्ट व चमड़ी रोग विशेषज्ञ मिलने की उम्मीद है।
बाल रोग के छह चिकित्सक
सिविल अस्पताल प्रशासन ने बच्चों में बढ़ते रोग को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग से छह चिकित्सकों की मांग की थी। सिविल अस्पताल में हर रोज सौ बच्चों के स्वास्थ्य की जांच होती है।
सिविल अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए एसएमओ डॉ. आलोक जैन, वरिष्ठ बाल चिक्तिसक डॉ. दिनेश दहिया, डॉ. एकता, डॉ. गौरव, डॉ. निहारिका व डॉ. अभिषेक हैं। अब हाल ही में डॉ. वैशाली मलिक, डॉ.अंकित सैनी, डॉ.एकता, डॉ. पवन कुमार, डॉ. आयुषी, डॉ.अरविंद, डॉ.गौरव, डॉ.पूजा, डॉ.विकास, डॉ. निहारिका व डॉ.अमित दहिया की नई नियुक्ति हुई हैं।
सिविल अस्पताल में सभी बीमारियों के डॉक्टर उपलब्ध है। रेडियोलोजिस्ट व चमडी रोग विशेषज्ञ की स्थाई नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। जल्द इनकी कमी भी पूर्ण हो जाऐगी। सिविल अस्पताल में जिन संसाधनों की कमी है, उसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग को बताया जा चुका है। सिविल अस्पताल में हर तरह की सुविधा देने की कोशिश है।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस सिविल अस्पताल पानीपत।