-स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालमेल कमेटी हरियाणा के आह्वान पर रखा उपवास, बैरंग लौटे 100 मरीज
-जियो फेसिंग लोकेशन पर आधारित उपस्थिति दर्ज करने का किया विरोध
-जिला नागरिक अस्पताल व अन्य केंद्रों पर नहीं मिला मरीजों को इलाज
-पूरा दिन में 1500 तक की हो पाई ओपीडी, सामान्य दिनों दो हजार तक होती थी
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी हरियाणा के आह्वान पर चिकित्सक और कर्मचारियों ने जियो फेसिंग हाजिरी के विरोध में वीरवार को एक दिन का सांकेतिक उपवास रखा। उपवास के दौरान उन्होंने सुबह नौ से सायं पांच बजे तक तीन बार प्रदर्शन किया। इसके साथ चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ समेत अन्य विभागों के कर्मचारी उपवास पर बैठ गए। ऐसे में मरीजों को इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत ओपीडी में आई। मौसमी बीमारियों के दौरान सामान्य दिनों में ओपीडी में करीब दो हजार लोग पहुंचते हैं। उपवास के चलते वीरवार को ओपीडी में 1500 लोग पहुंचे। करीब सौ मरीजों बिना दवा व इलाज के लौटना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी हरियाणा के आह्वान पर चिकित्सक व नर्सिंग ऑफिसर वीरवार को सुबह नौ बजे उपवास पर बैठ गए। हरियाणा सिविल सर्विसेज के प्रधान डॉ. वीरेंद्र ढांडा, नर्सिंग ऑफिसर की प्रधान सुमन पोडिया, एमपीएचओ एसोसिएशन के प्रधान सतबीर सिंह, एलटी अधिकारी एसोसिएशन के प्रधान नरेश जागलान व एनएचएम यूनियन के प्रधान अमित मलिक, ऑपरेशन थियेटर यूनियन के प्रधान सन्नी और रेडियोग्राफर यूनियन के प्रधान कृष्ण राणा और ऑप्थेल्मिक एसोसिएशन के प्रधान जयदीप राठी, दंत चिकित्सा यूनियन के प्रधान डॉ. ललित रहे। उन्होंने कहा कि जियो फेसिंग हाजिरी का तरीका गलत है। वे लंबे समय से इसका विरोध कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कर्मचारी तालमेल कमेटी ने आठ जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को ज्ञापन सौंपा था। यूनियन को इस संबंध में बातचीत कर समाधान का आश्वासन दिया था। उन्होंने बताया कि चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी अब तक काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करने, एक घंटे को रोष प्रदर्शन करने के उपरांत अपने मोबाइल के माध्यम जियो फैसिंग हाजिरी आधारित उपस्थिति दर्ज करने के आदेश को वापस लेने के लिए विधायकों को ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों को नहीं माना है। उन्होंने अब एक दिन का सांकेतिक उपवास रखा है।
अस्पताल मरीज रहे परेशान
चिकित्सक व नर्सिंग ऑफिसर के सुबह से ही उपवास स्थल पर पहुंचने से ओपीडी और दूसरे विभागों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को ओपीडी में इलाज के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई मरीज व बच्चे इंतजार में फर्श पर ही बैठ गए। ओपीडी में करीब 1500 मरीजों की जांच की जा सकी। दूसरी तरफ हड़ताल के कारण मरीजों को दो-तीन घंटे का समय पंजीकरण, इलाज व दवा लेने में लगा। फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ दोपहर दो बजे तक भी कम नहीं हुई। मुखीजा कॉलोनी निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह सुबह आठ बजे दवा लेने अस्पताल पहुंचा था। पंजीकरण में दस मिनट लगी और इलाज के लिए भीड़ ज्यादा होने से उसे पौना घंटे कतार में खड़ा रहना पड़ा। फिर दवा के लिए भी दस मिनट लगी। आदर्श नगर की संतोष देवी ने बताया कि वह अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पहुंची थी। उसका दो बजे तक भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया।
वर्जन :
चिकित्सक व नर्सिंग ऑफिसर के उपवास पर जाने से किसी भी मरीज को इलाज में परेशानी नहीं हुई। सबको समय पर इलाज व दवा दी गई। चिकित्सकों व कर्मचारियों का उपवास शांतिपूर्वक रहा।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
जिला नागरिक अस्पताल में सामूहिक उपवास पर बैठे चिकित्सक व स्टाफ सदस्य। संवाद
जिला नागरिक अस्पताल में सामूहिक उपवास पर बैठे चिकित्सक व स्टाफ सदस्य। संवाद