माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पहली जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक और चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर पानीपत के चिकित्सक दंपती राज रमन और हेमा रमन ने पर्यावरण संरक्षण में विशेष योगदान दिया है। उन्होंने अब तक 31 नैनो जंगल लगाए हैं।
चिकित्सक दंपती राज रमन और हेमा रमन ने 'नई राह' संस्था बनाकर पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा उठाया है। राज रमन ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण और पेड़ों की कटाई लगातार बढ़ रही है। यह स्थिति चिंताजनक है, इसलिए उन्होंने नैनो जंगल लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने शहर में छोटी-छोटी जगहों की पहचान कर पौधे लगाए। इन जंगलों में नाशपाती, अमरूद, रीठा, जामुन, आम, बेलपत्र और कदंब सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। हेमा रमन ने कहा, वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटता भूजल स्तर मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती है। इसलिए, प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।
सीए भूपेंद्र की संघर्ष गाथा
पानीपत चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) शाखा के अध्यक्ष भूपेंद्र दीक्षित की कहानी प्रेरणादायक है। उनके पिता रामभगत ने आर्थिक तंगी के बावजूद चाय की दुकान चलाकर उन्हें पढ़ाया। भूपेंद्र दीक्षित ने वर्ष 2009 में चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षा उत्तीर्ण की। भूपेंद्र दीक्षित अब संघर्षरत बच्चों की मदद करने में पीछे नहीं हटते। वे हर साल 25 बच्चों की स्कूल और कॉलेज फीस में सहयोग करते हैं। अपनी शुरुआती कठिनाइयों को याद करते हुए, वे युवाओं को चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य की कुंजी है।
सीए भूपेंद्र दीक्षित।