पानीपत। डाहर गांव स्थित नई शुगर मिल के गोदाम में इस समय चीनी की बेकद्री हो रही है। मिल से गोदाम तक चीनी को लोड कर ले जाने वाली चेन के पास चीनी बिखरी पड़ी है। वहीं, गोदाम में चीनी के कट्टे फटे हुए हैं। जिनसे चीनी निकल कर जमीन पर गिर रही है। ज्यादा चीनी की बेकद्री इसे ट्रकों में लोड करते समय होती है। चीनी लोड करने वाली लेबर चीनी के कट्टाें को फाड़ देती है। गोदाम में गिरी चीनी की अब तक न तो सफाई हो पाई है। न ही इसे दोबारा साफ कर दोबारा कट्टों में भरा जा रहा है। हालांकि ये कोई नई बात नहीं है। सालों से चीनी के गोदामों और मिल में चीनी की यूं ही बेकद्री होती रही है।
गौरतलब है कि 19 अप्रैल को मिल बंद हो गई थी। इसके बाद शुगर मिल एमडी स्वास्थ्य संबंधित कारणों की वजह से अवकाश पर हैं। इस समय मिल का कोई भी बड़ा अधिकारी चीनी प्रकरण पर बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि मिल के अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही नीचे गिरी चीनी को साफ करवाएंगे और इसे दोबारा कट्टों में भरवाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि करीब पांच माह तक चले पेराई सत्र में शुगर मिल ने करीब 63 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। वहीं, अपनी टरबाइन से करीब सवा चार करोड़ बिजली का उत्पादन भी किया। मिल में चीनी उत्पादन की बात करें तो इस बार मिल ने 5.73 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। मिल में चीनी को स्टोर करने के लिए दो बड़े एक एक लाख क्विंटल के गोेदाम भी बनाए गए हैं। इसके अलावा एक अन्य गोदाम भी निर्माणाधीन है।
मिल के आंकड़ों की बात करें तो 15 अप्रैल तक मिल में 573725 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया। इस हिसाब से मिल में चीनी की रिकवरी का रेट 9.31 प्रतिशत रहा। जबकि पिछले साल चीनी का उत्पादन 603225 क्विंटल रहा था। पिछले साल चीनी की रिकवरी प्रतिशत 9.56 प्रतिशत था। इस बार करीब 63 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई जबकि पिछले साल 64.31 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की थी। अधिकारियों का कहना है कि इस बिखरी चीनी को दोबारा से साफ करवाया जाएगा। इसके बाद इसे वापस कट्टों में भरा जाएगा।