समालखा। पट्टीकल्याणा गांव के ग्राम विकास एवं साधना केंद्र पर आयोजित स्टूडेंट कबड्डी लीग इंडिया के सीजन पांच की विजेता टीम तथा आयोजकों के बीच उस समय विवाद हो गया। जब 52 किलोग्राम भार में प्रथम विजेता रही झज्जर की गोवा ड्रैगन टीम ने आयोजक से घोषित 71 हजार का अवार्ड कैश देने को कहा।
टीम खिलाडियों ने आयोजक पर कथित दुर्व्यवहार व मारपीट करने का आरोप लगाए। धक्कामुक्की में टीम का एक खिलाडी चोटिल भी हो गया। पिछले 24 घंटे से झज्जर टीम के खिलाडी साधना केंद्र के बाहर भूखे प्यासे बैठे रहे और आयोजक को कोस रहे थे। झज्जर की गोवा ड्रैगन टीम के कप्तान हितेश व वरिष्ठ खिलाडी प्रदीप, कुणाल, भोला, अंश और रोहित ने बताया कि वे पट्टीकल्याणा गांव के ग्राम विकास एवं साधना केंद्र पर 20 से 23 जून तक आयोजित की गई स्टूडेंट कबड्डी लीग इंडिया के सीजन पांच में भाग लेने आए थे।
प्रतियोगिता में लड़कों की 16 तथा लड़कियो की आठ टीमों ने हिस्सा लिया। 22 जून को उनकी टीम व एमपी स्टीलर टीम के बीच फाइनल मैच हुआ। उसे पराजित कर 52 किलोग्राम भार में प्रथम विजेता रहे।
प्रतियोगिता के आयोजक एडवोकेट रोबिन कुमार ने उन्हें घोषित अवार्ड 71 हजार रुपये का थरमाकोल सीट पर छपा पीएनबी बैक का डमी चैक तथा ट्राॅफी से सम्मानित किया।
टीम खिलाडियों ने जब आयोजक से डमी चैक के बदले घोषित अवार्ड का कैश देने को कहा तो उसने 45 दिन की प्रोसेसिंग बताकर टाल-मटोलकर करने लगे। जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो धक्का दिया। जिससे अंशु को गिरने से चोट लगी है। टीम खिलाडियों ने आरोप लगाया कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए 1500 रुपये टीम एंट्री के अलावा फाइल चार्ज के 380 रुपये प्रति खिलाडी तथा 150 रुपये आई कार्ड के नाम पर सभी से चार्ज किए।
इस तरह प्रतियोगिता में आए करीब 500 खिलाडियों से प्रत्येक से 2500 से तीन हजार रुपये चार्ज किए गए लेकिन विजेताओं को कैश देने के नाम पर उन्हें अपमानित किया गया। इस संदर्भ में जब कबड्डी लीग के आयोजक एडवोकेट रोबिन का पक्ष जानने को फोन किया तो उसका फोन बंद मिला।