संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की ओर से रोडवेज डिपो में प्रधान अनिल कुंडू की देखरेख में बैठक की गई। जिसमें आठवें वेतन आयोग का गठन, समान काम समान वेतन, पुरानी पेंशन बहाली, खाली पदों पर भर्ती, निजीकरण पर रोक मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
डिपो प्रधान अनिल कुंडू व सचिव सुल्तान मलिक ने बताया कि हरियाणा सरकार व परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत में विभाग के कर्मचारियों की सरकार की ओर से बनाई गई तबादला नीति का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार रोडवेज में कार्यरत चालक परिचालक को आपसी स्थानांतरण का मौका दे और कर्मचारियों को उनके गृह जिले में भेजा जाए । फिर भी सरकार पॉलिसी लागू करना चाहती है तो रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद व महासचिव सुमेर सिवाच ने बताया कि 22 मई को महानिदेशक के साथ हुई बातचीत में जिन मांगों पर सहमति बनी थी। उनमें चालक परिचालक व लिपिक का पे ग्रेड बढ़ाने, चालक व परिचालक को एक माह में 30 रात्रि ठहराव के भुगतान की पावर महाप्रबंधकों को देने, 2004 से पहले लगे चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने व पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने, चालक, परिचालक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक व वर्कशॉप के कर्मचारियों को मिलने वाले देय अर्जित अवकाश पूर्व की भांति एक वर्ष में 33 अवकाश देने, चालकों की पदोन्नति के लिए 194 पोस्ट अड्डा इंचार्ज नियुक्त करने, कार्यशाला में ग्रुप डी के कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बाहर करने और तकनीकी वेतनमान देकर सभी पदों पर पदोन्नति का लाभ दिया जाए। राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद व राज्य महासचिव सुमेर सिवाच ने सरकार से मांग की है कि उपरोक्त सभी मांगों को सरकार लागू करे और यूनियन को बुलाकर बातचीत के माध्यम से समाधान करे अन्यथा हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन आगामी छह सितंबर को होने वाली राज्य स्तरीय बैठक में आंदोलन की घोषणा करने पर मजबूर होगी। इस मौके पर सुभाष योगी, सुखबीर देशवाल, संदीप मलिक, जसवंत जागलान, जसवीर नैन, मुकेश ओसर व तेजवीर दहिया मौजूद रहे ।