प्रदूषण रोकथाम व नियंत्रण एक्ट 1981 की धारा 18 ए के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर ध्वनि प्रदूषण करने वाले उद्योगों के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सीपीसीबी ने निर्देश दिए हैं कि एचएसपीसीबी 31 दिसंबर 2019 तक उन उद्योगों को चिह्नित करें जो ध्वनि प्रदूषण कर रहे हैं और उनकी रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपें।
सीपीसीबी अब जल व वायु प्रदूषण के बाद ध्वनि प्रदूषण पर भी सख्त हो गई है। सीपीसीबी हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जल व वायु प्रदूषण करने वाली 70 बड़ी फैक्टरियों को बंद करने के निर्देश दे चुकी है, वहीं मानकों के खिलाफ चल रहे 170 उद्योगों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है। जानकारों के अनुसार पानीपत में लगभग 25 हजार छोटे व बड़े उद्योग चलते हैं। इनमें से 70 प्रतिशत ध्वनि पर्यावरण को प्रभावित करते हैं। अब हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड को सीपीसीबी के निर्देशों पर धरातल पर उतरकर इन उद्योगों को चिह्नित करना होगा और उनकी रिपोर्ट तैयार कर 31 दिसंबर तक सीपीसीबी को सौंपनी होगी।