पानीपत। कोरोना संक्रमितों को असंक्रमित घोषित करने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लापरवाही की जा रही है, जो भारी पड़ सकती है। संक्रमण की चपेट में आए लोगों से कॉल कर लक्षणों की स्थिति जाने बगैर ही उन्हें स्वस्थ्य घोषित कर देने का आरोप है।
यह आरोप उन संक्रमित मरीजों के हैं, जिनसे कोई पूछताछ नहीं की गई और करीब पांच दिन बाद रिकवर मरीजों की सूची में उनका नाम दर्ज मिला। संक्रमित आए कुछ लोगों का आरोप है कि वे पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं। उनमें लक्षण भी हैं लेकिन रिकवर मरीजों की सूची में उनका नाम आ गया है। यही रिपोर्ट मुख्यालय भी भेजी जा रही है।
यहां बरती जा रही लापरवाही
1. वायरल के रोगियों के अब नहीं हो रही कोरोना जांच
2. संक्रमित के पास कॉल कर नहीं जानी जा रही हालात
3. संक्रमित मिलने के बाद दवा पहुंचने में दो दिन लग रहे
4. होम आइसोलेशन में संक्रमितों की नहीं हो रही मॉनीटरिंग
इन संक्रमितों ने लगाया आरोप
मॉडल टाउन निवासी मुकेश कुमार, राजीव कॉलोनी निवासी अमन, तहसील कैंप निवासी गुलशन और विराट नगर निवासी सुशील ने बताया कि 24 दिसंबर को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के दो दिन तक उनको स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलीं। उनकी मॉनीटरिंग नहीं की गई। 29 दिसंबर को उन्हें रिकवर दिखा दिया गया जबकि उनमें कोरोना के लक्षण हैं। स्वास्थ्य विभाग से कोई कॉल नहीं आई।
जिले में 1071 केस सक्रिय :
इस वक्त जिले में 1071 केस सक्रिय हैं। इनमें से 1068 घरों में आइसोलेट हैं जबकि तीन मरीज स्वास्थ्य केंद्रों में दाखिल है। मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के 5-6 घंटे के बाद आशा वर्कर की कॉल आती है। आशा वर्कर मरीजों को उनकी पॉजिटिव रिपोर्ट के बारे में बताती है। दो दिन बाद मरीजों तक सरकार की ओर मुहैया दवाएं पहुंचती है। तब तक मरीजों को खुद ही इलाज करना पड़ता है।
इस संबंध में सख्त निर्देश दिए जाएंगे
अगर मरीजों को देरी से दवा मिल रही है या मरीजों के पास स्वास्थ्य कर्मचारी की कॉल नहीं आ रही है तो ये मामला गंभीर है। इस संबंध में कर्मचारियों की बैठक लेकर सख्त दिशा निर्देश दिए जाएंगे। मरीजों के स्वास्थ्य से लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। - डॉ. सुुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन