पानीपत। स्वास्थ्य विभाग अब समालखा के सामान्य अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू करने का प्रयास कर रहा है। सिविल सर्जन ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट की जांच कर मुख्यालय भेज दी है। अब मुख्यालय की टीम जल्द अस्पताल का निरीक्षण कर सकती है। जून तक समालखा अस्पताल में डायलिसिस की सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
सिविल सर्जन ने डायलिसिस के लिए मशीनों व मैनपावर की भी मांग की है। इसके लिए सिविल सर्जन की मुख्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है। फिलहाल समालखा के डायलिसिस रोगियों को हर दूसरे दिन जिला नागरिक अस्पताल में आना पड़ता है। ऐसे रोगियों की संख्या 12-15 के बीच में है। समालखा में यह सेवा शुरू होने पर उन रोगियों को काफी लाभ मिलेगा। जिले में कुल डायलिसिस के लिए लगभग 80 मरीजों का पंजीकरण है।
सरकार ने अब सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डायलिसिस सेवा मुफ्त कर दी है। निजी अस्पतालों में डायलिसिस के लिए 2500-3000 रुपये लिए जाते हैं। डायलिसिस के मरीजों को हर तीसरे दिन डायलिसिस कराना पड़ता है। इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर भारी दबाव पड़ता है।
जिला नागरिक अस्पताल पर डायलिसिस का अतिरिक्त भार है। कई बार रोगी ज्यादा होने पर सबका एक दिन डायलिसिस नहीं हो पाता। उनको अगले दिन आना पड़ता। जब तक मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। यहां का वर्क लोड कम करने व समालखा-बापौली क्षेत्र के मरीजों को नजदीक ही डायलिसिस का लाभ देने के लिए यह समालखा अस्पताल में यह सेवा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या है डायलिसिस ःजब किडनी प्राकृतिक रूप से कार्य नहीं कर पाती है तब उसे डायलिसिस किया जाता है। प्रक्रिया से गुर्दे का कार्य मशीन से किया जाता है। मशीन में एक डायलिस्टर लगा होता है। जिससे शरीर के खून को पतला किया जाता है। अशुद्ध खून व अन्य अपशिष्ट को बाहर निकाल दिया जाता है। जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि समालखा अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू करने के प्रयास है। इसके लिए जरूरी मशीन व स्टाफ की डिमांड की गई है। उम्मीद है यहां जल्द डायलिसिस शुरू होगा।