सर्राफ व ज्वेलर्स ने आभूषणों पर एक प्रतिशत एक्साइज डयूटी लगाने के विरोध में काली पट्टी बांधकर इसे समाप्त करने की मांग की। सर्राफ व ज्वेलर्स के धरने के चलते हलवाई हट्टे से आना-जाना मुश्किल रहा। सर्राफा एसोसिएशन ने इसको लेकर कड़ा कदम उठाने का फैसला लिया है।
सर्राफा एसोसिएशन के बैनर तले शहर के सभी सर्राफ और ज्वेलर्स वीरवार को हड़ताल के दौरान हलवाई हट्टे पर काले बिल्ले बांधकर धरने पर बैठ गए।
सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान राजेश सूरी ने बताया कि नए बजट में सोने व चांदी के गहनों पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई है।
सर्राफा एसोसिएशन, स्वर्णकार सभा और स्वर्णकार संघ इसका विरोध करती है और इसे वापस लेने की मांग करती है। सर्राफ ने अपनी मांगों को लेकर तीन दिन की हड़ताल पर जाने रखने का फैसला लिया है।
स्वर्णकार सभा के प्रधान संजय वर्मा व स्वर्णकार संघ के प्रधान शेरचंद कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने बजट में भी एक्साइज डयूटी लगा दी थी।
सर्राफ बाजार ने एकजुट होकर इसका विरोध किया था। भाजपा ने भी उस वक्त इसकी निंदा की थी, लेकिन अब सत्ता में आते ही खुद इसको लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को उस वक्त एक्साइज डयूटी बुरी लगी और अब अच्छी लगने लगी है। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को लागू होने तक संघर्ष करते रहेंगे। वहीं शादियों का सीजन में हड़ताल के चलते लोगों पर परेशानी उठानी पड़ गई। कुछ लोगों को अपने आर्डर पर सामान तक नहीं मिल सका।