पानीपत। भाटिया काॅलाेनी स्थित श्री गणेश मंदिर में वीरवार को गुप्त नवरात्रि की शुरुआत पर श्रद्धालुओं ने माता की पूजा की और माता के भजनाें का गुणगान किया। आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि 26 जून से शुरू हो गई है। इस बार एक भी व्रत की क्षति नहीं है।
प्रधान बलदेव गांधी व महासचिव हरीश बंसल ने बताया कि इस बार की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पूरे नौ दिनों की रहेगी क्योंकि प्रतिपदा से नवमी तक किसी भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है। एक साल में चार बार नवरात्रि आती है। चैत्र और अश्विन मास में प्रकट नवरात्रि रहती है जबकि आषाढ़ और माघ मास में गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। प्रकट नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है जबकि गुप्त नवरात्रि में देवी सती की दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। ये साधनाएं गुप्त रूप से की जाती है। पंडित विवेक शास्त्री ने बताया कि इन महा विद्याओं में मां काली, तारा देवी, षोडषी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, और कमला देवी शामिल हैं। इस अवसर पर राजरानी, आशु गांधी, मेघा, नीलम चंदन, भाटिया आशा, तान्या, सुमित्रा व मोनिका उपस्थित रही।