संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। कार्तिक मास की अमावस्या पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने यमुना में स्नान किया और पितृ की शांति के लिए पूजन किया। घाटों पर ही दान किया। सनौली और खोजकीपुर गांव स्थित घाटों पर तड़के ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया। घाटों पर लगे मेले में महिलाओं और बच्चों ने खरीदारी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन और गोताखोर तैनात रहे।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि इस बार दिवाली 20 अक्तूबर को जबकि अमावस्या 21 को मनाई गई। अमावस्या सोमवार को दोपहर बाद 03:45 से शुरू हुई और मंगलवार को सायं 05:55 तक रही। इसलिए लोगों ने मंगलवार को पितृ स्नान किया।
अमावस्या पर पितृ पक्ष की शांति के लिए स्नान के साथ दान का विशेष महत्व होता है। इसलिए लोगों ने अपनी श्रद्धानुसार घाटों पर ही दान किया और पितृ पक्ष की शांति के लिए पूजन किया। सनौली और खोजकीपुर गांव स्थित घाटों पर श्रद्धालु स्नान के लिए सुबह ही उमड़े। लोगों ने पितृ पक्ष के लिए हवन किया और दान किया। यमुना पर स्नान के लिए पहुंचे परढ़ाना निवासी सुल्तान सिंह ने बताया कि वे परिवार के साथ सुबह आठ बजे सनौली रोड स्थित यमुना घाट पर स्नान के लिए पहुंचे।
स्नान करने के बाद उन्होंने वहीं घाट पर दीपदान किया और गरीब व जरूरतमंद लोगों को गर्म वस्त्र दान किए। इस दौरान घाट पर गोताखोर मुस्तैद रहे।
मेले में बच्चों ने खरीदारी की। मेले में किसी प्रकार की परेशानी या लड़ाई-झगड़ा न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा। घाटों पर पहले की अपेक्षा सुविधा व व्यवस्था बढ़ गई हैं।