रेलवे अंडरपास पर रेलवे अधिकारी से बात करते शहरी विधायक प्रमोद विज और उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुम
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पानीपत। शहर को मुख्य रेल लाइन पर तीन साल पहले रेलवे को 22 करोड़ रुपये देने के बाद भी पांचों अंडरपास मूर्त रूप में नहीं मिल पाए हैं। असंध रोड अंडरपास को छोड़ दे तो किसी का भी काम 70 प्रतिशत से ऊपर नहीं हो पाया है।
सेक्टर-छह 10 प्रतिशत और गोहाना रोड अंडरपास का काम मुश्किल से 20 प्रतिशत ही हो पाया है। आजादनगर अंडरपास का काम 70 प्रतिशत हो पाया है। लोगों को मजबूरीवश अपने स्तर पर अंडरपास से आवाजाही शुरू करनी पड़ी।
पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया और नगर निगम व रेलवे के इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों के साथ ओवरब्रिज का शुक्रवार को निरीक्षण करने पहुंचे। यहां हालात देखकर हैरान रह गए। लोगों ने विधायक और प्रशासन से अंडरपास चालू करने पर सवाल पूछने शुरू कर दिए। विधायक व उपायुक्त ने अधिकारियों की अनदेखी पर चिंता जताई और काम शुरू कराने के लिए 15 दिन का समय दिया। विधायक ने तय समय में काम शुरू न करने पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए।
विधायक ने इससे पहले जिला सचिवालय में स्थित उपायुक्त कार्यालय में बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। वे इसके बाद आजाद नगर अंडरपास, बिशन स्वरूप कॉलोनी और गोहाना फ्लाईओवर के नीचे निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास पर पहुंचे। विधायक प्रमोद विज ने कहा कि निगम ने 2023 में रेलवे को पांच अंडरपास बनाने के लिए करीब 22 करोड़ रुपये दिए थे। अधिकारी इनका काम पूरा नहीं कर पाए। ऐसे में लोगों को हर रोज परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों को तकनीकी या प्रशासनिक समस्या है तो उनको बताएं, वे रास्ता निकालेंगे। उपायुक्त ने बारिश से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए। ऐसा न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर रेलवे के सीनियर सेक्शन ऑफिसर संदीप कल्याण, निगम चीफ इंजीनियर रमेश बागड़ी मौजूद रहे।