ट्रेनों में चढ़कर उत्पात मचाने, यात्रियों से जबरदस्ती पैसे ऐंठने और लूटपाट जैसी घटनाओें को अंजाम देने वाले एक गिरोह का आरपीएफ और जीआरपी ने भंडाफोड़ किया है।
पकड़े गए गिरोह के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। जीआरपी का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य जुर्म भी सामने आ सकते हैं।
गैंग के कई सदस्य बेहद ही शातिर हैं। ये ट्रेन में ही कई तरह की ड्रेस बदलकर वारदात को अंजाम दे देते थे। आरपीएफ थाना इंचार्ज जीएस गौतम ने बताया कि कई बार शिकायत मिली थी कि ट्रेनों में यात्रियों से लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं।
विशेष रूप से रात के समय चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में वारदात बढ़ रही हैं। इस बात को ध्यान मेें रखते हुए कुरुक्षेत्र से सोनीपत के बीच ट्रेनों में सिविल ड्रेस में आरपीएफ के जवान तैनात किए हैं।
मूरी एक्सप्रेस से पकड़े गए बदमाश
छीनाझपटी व लूटपाट करने वाले आरोपियाें को दिल्ली की तरफ आ रही मूरी एक्सप्रेस ट्रेन में जाल बिछा काबू किया गया। आरपीएफ थाना इंचार्ज जीएस गौतम ने बताया कि पहले से ही उनके दो मुलाजिम ट्रेन में सवार थे। पानीपत रेलवे स्टेशन से कई संदिग्ध युवक ट्रेन में चढ़े। उन पर कड़ी नजर थी। उन्होंने बाथरूम में घुसकर महिलाओं की ड्रेस पहन ली। ट्रेन के सोनीपत पहुंचते-पहुंचते तीन-चार यात्रियों से नकदी व एक मोबाइल छीन लिया। ट्रेन सोनीपत पहुंचते ही बदमाश भाग निकले। इसी दौरान पीछा कर दीपक पुत्र राजेंद्र निवासी गन्नौर को काबू कर लिया। बताया जा रहा है कि दीपक ने अपने साथ अन्य साथी निशान बबैल रोड पानीपत, संजना व पंछी भी साथ होने की बात कबूली।
इन यात्रियों से हुई लूटपाट
ट्रेन में सवार चंदन पासवान पुत्र रामअवतार निवासी मथुरापुर बिहार से 10 हजार रुपये व एक मोबाइल, जितेंद्र कुमार पुत्र शंकर से नौ हजार व भुवन ठाकुर पुत्र कपिल देव ठाकुर से पांच हजार रुपये लूटने की शिकायत मिली है।
सोनीपत से पानीपत ट्रांसफर हुआ केस
लूटपाट का केस सोनीपत से पानीपत जीआरपी थाना ट्रांसफर कर दिया गया। जीआरपी थाना इंचार्ज रणधीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए संदिग्धोें से पूछताछ की जा रही है।
नकली किन्नर बनकर करते हैं वारदात
पकड़े गए सभी बदमाश बड़े ही शातिर है। ये नकली किन्नर बनकर वारदत को अंजाम देते हैं। आरपीएफ थाना इंचार्ज जीएस गौतम ने बताया कि वे किन्नर नहीं हैं बल्कि सामान्य हैं। यात्रियों से लूटपाट करना ही इनका पेशा है। उन्होेंने यात्रियों को सचेत किया कि ऐसे नकली किन्नरों को पैसे देने की जरूरत नहीं है, बल्कि इन्हें पकड़ पुलिस को सौंपा जाना चाहिए।