समालखा। अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवक ने एजेंट व उसके साथियों के खिलाफ अवैध तरीके से विदेश भेजने के नाम पर 40 लाख रुपये ऐंठने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में युवक ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है।
गांव मानना निवासी अमन ने बताया कि वह कुराना निवासी जितेंद्र के पास नौकरी करता था। वह युवाओं को विदेश भेजने का काम करता है, उसका कार्यालय गोहाना में फव्वारा चौक पर है। जितेंद्र ने कई बार उसको व उसके परिजनों को विदेश भेजने के लिए कहा लेकिन वह आनाकानी करते रहे। उसने विदेश में वैध तरीके से भेजने और वहां पर नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। वह उसकी बातों में आ गए और 40 लाख रुपये में बात तय हुई। जिसके बाद मानना स्थित पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से पांच लाख रुपये ऑनलाइन व तीन लाख रुपये नगद दिए। उसने दिल्ली एयरपोर्ट पर एन्नी विर्क से संपर्क करने के लिए कहा, जहां से मुझे वड़ोदरा भेजा गया और वहां पर बोर्डिंग पास मिलने के बाद नीदरलैंड भेज दिया। जहां से डोंकर ने ब्राज़ील, बोलिविया, एक्वाडोर, कोलंबिया शहर से पानी के रास्ते गुयाना टापू पर पहुंचाया और लगभग डेढ़ महीने जंगल के रास्ते पैदल चलकर आठ फरवरी को अमेरिका पहुंचा। जहां एंट्री करते ही अमेरिका पुलिस ने पकड़ लिया और वहां से 14 फरवरी को उसे डिपोर्ट कर दिया गया।
इस दौरान उसे भूखा-प्यासा रखा गया और प्रताड़ित किया गया। इस दौरान उसके पिता ने ऑनलाइन व नगद 40 लाख रुपये एजेंट को दिए थे। जिसमें उन्होंने जमीन बेची और उसके चाचा ने अपनी जमीन गिरवी रख कर पैसे इकट्ठे किए थे। पीड़ित ने अवैध तरीके से विदेश भेजने पर एजेंट व उसके साथियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
समालखा पुलिस थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि युवक की शिकायत पर एजेंट जितेंद्र कुमार व एन्नी विर्क पर केस दर्ज कर लिया है।