समालखा। प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण।
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समालखा। एसीडी (एडवांस कंजप्शन डिपोजिट) के कारण अधिक बिल आने से परेशान जगमग गांव पसीनां कलां के ग्रामीणों ने बुुधवार को बिजली निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि वे हर माह बिल भरते हैं, इसके बाद भी विभाग की ओर से उन्हें हजारों रुपये का बिल भेज दिया गया है। इस दौरान विधायक धर्म सिंह छौक्कर भी ग्रामीणों के साथ एसडीओ से मिले और इस मामले के संबंध में उच्चाधिकारियों से मिलने की बात कही।
ग्रामीण कर्म सिंह, कृष्णा, सुरेंद्र, राजेश, कांता, राममेहर, बिमला, रीना, कविता, ज्ञानो आदि ने बताया कि उनका गांव जगमग योजना के अंतर्गत आता है। इसलिए ग्रामीण बिल का हर महीने भुगतान करते हैं। यहां पर अधिकतर लोग गरीब और मजदूर तबके से संबंध रखते हैं। इसके बाद भी विभाग ने उन्हें हजारों रुपये के बिल भेज दिए। दिहाड़ी मजदूरी करने वाली, निराश्रित महिलाएं इतना बिल नहीं भर सकती हैं। जिनके घर में एक बल्ब है, उनका भी हजारों का बिल आया है। उन्होंने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बिल ठीक नहीं किए गए तो पूरे गांव में कोई भी बिल नहीं भरेगा। एसडीओ मुकेश दुरेजा ने कहा कि किसी का एसीडी के कारण अतिरिक्त बिल आया है तो उसे ठीक करा दिया जाएगा।
किस का कितना बिल :
उपभोक्ता रश्मि देवी ने बताया कि पिछले माह का बिल 157 रुपये था और इस बार उसे 72 हजार का बिल भेज दिया। कृष्णा ने बताया कि गत माह का बिल 119 रुपये था और इस बार उसे 32 हजार रुपये का बिल आया है। कर्म सिंह का गत बिल माइनस 248 रुपये था जबकि उन्हें 27 हजार रुपये का बिल मिला है।
क्या है एसीडी :
एसीडी (एडवांस कंजप्शन डिपॉजिट) का मतलब न्यूनतम दो बिलिंग चक्र के लिए अनुमानित बिजली खपत शुल्क को कवर करने के लिए निर्धारित जमा राशि है। इसे अग्रिम जमा खपत भी कहते हैं। विभाग एसीडी इसलिए लेता है ताकि किसी के उपभोक्ता के डिफाल्टर होने, बिल नहीं देने पर एसीडी से उसका भुगतान हो जाए।