पानीपत। बार एसोसिएशन में महिला वकीलों की तरफ से भी पांच में से एक पद उनके लिए आरक्षित करने की मांग की गई थी। जिस पर बार प्रधान सुरेंद्र दूहन ने बैठक बुलाई। बुधवार को बैठक में वकीलों ने अपनी-अपनी राय दी, जिसमें महिला सीट आरक्षित करने पर वकीलों ने असहमति दर्ज कराई। जिसके बाद मांग को गवर्निंग कमेटी ने फिलहाल खारिज कर दिया है, इस मुद्दे पर दोबारा बैठक बुलाने के लिए कहा गया है।
बैठक में महिला वकीलों ने कहा कि हर बार चुनाव में पुरुष वकीलों का चेहरा सामने आता है। बार में पुरुष वकीलों की संख्या ज्यादा है, जिस वजह से महिला वकीलों को चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिलता है, इसलिए उनकी मांग है कि प्रधान, उप प्रधान, सचिव, सह-सचिव और कैशियर में से एक पद महिला वकील के लिए आरक्षित किया जाए। बैठक में आए अन्य वकीलों ने फिलहाल असहमति दर्ज कराई है। प्रधान सुरेंद्र दूहन ने कहा कि महिला वकीलों का सुझाव अच्छा है, गवर्निंग कमेटी में एक महिला जरूर होनी चाहिए, लेकिन बैठक में मौजूद हुए सभी वकीलों ने सीट आरक्षित करने पर असहमति दिखाई, जिसके बाद फिलहाल मांग को खारिज कर दिया है, उन्होंने कहा कि दोबारा बैठक बुलाई जाएगी। एडवोकेट विकास रूहल ने लुधियाना और पटियाला बार एसोसिएशन में वरिष्ठ उप प्रधान का हवाला देते पानीपत में भी यह पद लागू कराने की मांग की है।