- महाकुंभ स्नान को प्रयागराज जाने के लिए ट्रेनों में नहीं मिल रही कंफर्म सीटें
- टूर एंड ट्रेवल्स संचालकों के पास बड़ी और छोटी बसों की बुकिंग करवा रहे लोग
- परिवार संग जाने के लिए लिए सेवन सीटर वाहनों की भी बुकिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। महाकुंभ में स्नान के लिए ट्रेनों में प्रयागराज की कंफर्म टिकट न मिलने पर लोगों ने ट्रेवलर और टूरिस्ट बसों की तरफ रुख कर लिया है। ऐसे में लोगों ने अकेले या परिवार के बजाय समूह बनाकर जाना शुरू कर दिया है। पानीपत से हर रोज चार से पांच ट्रेवलर और पांच से छह बसें प्रयागराज जा रही हैं। मेले को लेकर टैक्सी स्टैंड और टूरिस्टों के पास हर रोज ़8 से 12 लोग बसों व दूसरे वाहनों को लेकर संपर्क साध रहे हैं।
29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान है। इसके बाद तीन फरवरी को वसंत पंचमी को अमृत स्नान है। जिले के लोग महाकुंभ में स्नान को लेकर जाने की तैयारी में हैं। इसके लिए लोग समूह बनाकर बसों की बुकिंग अभी से करने लगे हैं। ट्रेवलर और 52 व 56 सीटर बसों में लोग जाना बुक कराने पहुंच रहे हैं। शहर में 120 ट्रेवलर बसें हैं। प्रतिदिन प्रयागराज के लिए चार से पांच बसें शहर से जा रही हैं। महाकुंभ में जाने के लिए ट्रेनों में भीड़ होने के कारण बसों में जाना पसंद कर रहे हैं।
पानीपत टैक्सी स्टैंड एसोसिएशन के प्रधान निर्मल सिंह ने बताया कि शहर में 120 ट्रेवलर बसें हैं। इनमें 17, 20 और 25 सीटर ट्रेवलर बसें शामिल हैं। लोग समूह बनाकर बसों की बुकिंग कर रहे हैं। प्रयागराज में प्रतिदिन चार से पांच ट्रेवलर जा रही है। इनका चार से पांच दिन का पैकेज होता है। यह 50 से 55 हजार रुपये में होता है। इसमें टोल टैक्स और अन्य खर्च भी शामिल होता है। लोगों को खाने और रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होती है। लोगों को उनकी मांग पर अयोध्या, काशी और प्रयागराज घुमाया जाता है।
इंडियन ट्रेवलर एजेंसी के संचालक सुनील कुमार ने बताया कि लोग ज्यादातर 56 सीटर बसों को पसंद कर रहे हैं। ये बसें लंबी दूरी के सफल के लिए आरामदायक होती हैं। इनके लिए पहले से बुकिंग करवाई जा रही हैं। 28 को अमृत स्नान है। इससे दो दिन पहले ही बसें प्रयागराज के लिए रवाना हो जाएंगी। इसके बीच में लोगों को अयोध्या, काशी जैसे धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण करवाया जाएगा। 29 जनवरी के लिए लगभग पांच से छह बसें प्रयागराज के लिए जाएंगी। इसमें रहने और खाने की व्यवस्था स्वयं यात्री को करनी होती है। लोग ट्रेनों में ज्यादा भीड़ होने के कारण बसों में जाना पसंद कर रहे हैं। इसके लिए लोग कई दिन पहले ही बुकिंग करवा रहे हैं।