पानीपत। सिविल अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला जच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का देर रात को रो-रोकर बुरा हाल है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल में किसी तरह की लापरवाही न होना बता रहे हैं।
वीरवार शाम को एक तरफ जहां सेक्टर-25 स्थित एक खाली प्लाट में लावारिश मिले बच्चे को बेहतर से बेहतर इलाज देने का प्रयास डॉक्टर कर रहे थे। ठीक उसी वक्त महिला वार्ड में डिलीवरी के बाद एक महिला अपने प्राणों को छोड़ रही थी। विद्यानंद कॉलोनी निवासी रामू ने बताया कि उसने अपनी पत्नी सुनीता को वीरवार प्रात: सात बजे सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए दाखिल कराया था।
उसकी शाम को करीब सात डिलीवरी हुई और एक बच्ची को जन्म दिया। रामू के अनुसार उसकी पत्नी की डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने रात को करीब आठ बजे पीजीआई खानपुर ले जाने की बात कही। वह डॉक्टरों की सलाह पर सहमत हो गया, लेकिन उसको करीब सवा नौ बजे रेफर की स्लिप दी गई। वह पौना घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करता रहा। रामू ने आरोप लगाया कि एंबुलेेंस चालक उसकी पत्नी को लेकर पीजीआई रवाना हो गया, लेकिन ड्राइवर ने बीच रास्ते में एंबुलेंस रोक ली और उसकी पत्नी को दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट करने लगा।
उसने आरोप लगाया कि इलाज के बाद एंबुलेंस ठीक से न मिलने के चलते उसकी पत्नी की मौत हो गई। हम बता दें कि सिविल अस्पताल इससे पहले डिलीवरी के तुरंत बाद जच्चा की मौत के कई मामले आ चुके हैं। अशोक विहार कॉलोनी के लोग गत दिनों डिप्टी सीएमओ डॉ. नवीन सुनेजा से भी मिले थे और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी।
सिविल अस्पताल में महिला की डिलीवरी के बाद मौत होने की उनको जानकारी नहीं है। ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। किसी तरह का दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।