संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेरेब्रल पाल्सी का कोई स्थायी0 इलाज नहीं है। हालांकि, ऐसे कई उपचार विकल्प हैं जो इस बीमारी से जूझ रहे मरीज को दैनिक कामकाज को बेहतर तरीके से करने में मदद कर सकते हैं। इसमें जिला नागरिक अस्पताल के डीईआईसी केंद्र में सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों के लिए चल रही विभिन्न थेरेपी नई उम्मीद बन रहा है। केंद्र में विशेषज्ञों की देखरेख में बच्चों के शरीर की गतिशीलता, मांसपेशियों की जकड़न और बोलने की क्षमता को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
नागरिक अस्पताल में स्थित डीईआईसी केंद्र यानी जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में 18 वर्ष तक के 2024 से अब तक 11 मरीज आए हैं। वहीं, जब से ये केंद्र बना है यानी पिछले 10 साल में 131 पंजीकृत हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो कुछ समय के लिए उपचार लेते हैं फिर कई अन्य भ्रांतियों के चलते उपचार लेने के लिए नहीं आते और झाड़ फूंक के चक्करों में रह जाते हैं। वहीं, जो बच्चे यहां पंजीकृत हैं, फिजियोथेरेपी के माध्यम से उन बच्चों की मांसपेशियों को मजबूत बनाया जाता है ताकि वे संतुलन बनाकर चल सकें। ऑक्यूपेशनल थेरेपी की जाती है जो बच्चों को रोजमर्रा के कार्यों में सक्षम बनाती है। जैसे चीजें पकड़ना, बैठना, कपड़े पहनना या खुद खाना खाना जिससे बच्चे धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हैं।
जिन बच्चों को बोलने या शब्दों के उच्चारण में कठिनाई होती है, उनके लिए स्पीच थेरेपी की जाती है। इसमें विशेषज्ञ बच्चों को ध्वनियों को पहचानने, सांस नियंत्रित करने और उच्चारण सुधारने की तकनीक सिखाते हैं। नियमित अभ्यास से कई बच्चों में धीरे-धीरे बोलने की क्षमता विकसित होती है।
डॉक्टर, थेरेपिस्ट और परिवार तीनों की भूमिका जरूरी
डीईआईसी केंद्र से प्रबंधक अर्चना ने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी रोग चार प्रमुख प्रकारों में पाया जाता है। स्पास्टिक जिसमें मांसपेशियों में अकड़न होती है। डिस्किनेटिक, जिसमें अनियंत्रित असामान्य गतिविधियां होती हैं, अटैक्सिक जिसमें संतुलन की कमी और समन्वय में समस्या आती है और मिश्रित जिसमें दो या अधिक प्रकारों का संयोजन भी हो सकता है। हर प्रकार में थेरेपी की जरूरत और सुधार की गति अलग होती है। थेरेपी केवल इलाज नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसमें डॉक्टर, थेरेपिस्ट और परिवार तीनों की भूमिका समान रूप से अहम होती है।
- कोई स्थायी इलाज नहीं, निरंतर उपचार जरूरी
नागरिक अस्पताल से आर्थो विशेषज्ञ डॉ. कार्तिक अनुसार, सेरेब्रल पाल्सी एक मस्तिष्क संबंधी विकार है जो मांसपेशियों की टोन, गति और समन्वय को प्रभावित करता है और मस्तिष्क के विकासशील होने के दौरान हुई किसी क्षति या असामान्य विकास के कारण होता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी में व्यक्ति का जीवन सामान्य ठीक व्यक्ति जितना हो सकता है लेकिन उसे निरंतर उपचार लेने की जरूरत पड़ती रहेगी क्योंकि इसका कोई स्थाई इलाज नहीं है।