पानीपत। जाटल रोड स्थित यूनाइटेड ओवरसीज कारपेट फैक्टरी की दीवारें और लेंटर तोड़ते समय मलबा फैक्टरी के आस पास बने मकानों पर जा गिरा। इससे तीन मकान ध्वस्त हो गए और दो मकानों के लेंटर में दरार आ गई। आशियानों पर मलबा गिरा देखकर परिवार के लोगों में गुस्सा बढ़ गया। कई रोतीं महिलाएं बेहोश भी हो गईं।
गौरतलब है कि 36 दिन पहले सैनीपुरा कॉलोनी स्थित चार मंजिला यूनाइटेड ओवरसीज कारपेट फैक्टरी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी। इस वजह से 15 मकानों में दरारें आ गई थी। आग से फैक्टरी की इमारत जर्जर हो गई थी। इसे गिराने के लिए एक प्राइवेट ठेकेदार को ठेका दिया गया था। फैक्टरी गिराने तक मकानों में रहने वाले 15 परिवारों को इंपिरियम में शिफ्ट किया गया था। इस कंडम इमरात को गिराने का काम चल रहा है। शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे जेसीबी मशीन दीवार गिराने का काम कर रही थी इसी बीच 60 फुट लंबी दीवार सीधा मकानों के ऊपर जा गिरी।
क्या बोले कॉलोनी निवासी
मकान नंबर 1
घर से निकल ही रहा था कि मकान टूटने की सूचना मिली
सैनीपुरा निवासी बिरजू ने बताया कि उनका दो मंजिला मकान है। वह जाटल रोड पर चाउमीन की रेहडी लगाते हैं। वह फिलहाल इंपिरियम में फ्लैट नंबर 206 में रह रहे हैं। वह शुक्रवार दोपहर 1 बजे घर से निकल ही रहा था कि सैनीपुरा से एक युवक ने मकान पर फैक्टरी की इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचा तो उनके मकान का पिछला हिस्सा ध्वस्त हो चुका था।
मकान नंबर दो-
मकानों के साथ-साथ उम्मीदें भी हुई ध्वस्त
सैनीपुरा निवासी मनोज गुप्ता ने बताया कि उनकी फेस-3 में कैंटीन है। शुक्रवार को वह कैंटीन पर था कि इसी बीच उन्हें मकान टूटने की सूचना मिली। उन्होंने आकर देखा तो मकान का पिछला हिस्सा टूट कर गिरा हुआ था। मनोज ने बताया कि मकानों के साथ-साथ अब उनकी उम्मीदें भी दोस्त हो चुकी हैं क्योंकि उन्होंने मेहनत मजदूरी कर अपना आशियाना खड़ा किया था
मकान नंबर 3-
शहरी विधायक से मिलकर मुआवजे की लगाएंगे गुहार
सैनीपुरा कॉलोनी निवासी सुमन ने बताया कि 36 दिन पहले फैक्टरी में आग लगने की वजह उनके मकानों में सिर्फ दरारें आई थी, लेकिन अब फैक्टरी की इमारत ही उनके मकान पर आकर गिर गई जिस वजह उनका मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया वह जल्द शहरी विधायक प्रमोद विज से मिलकर मुआवजे की गुहार लगाएंगे।
ठेकेदार बोला अपने आप गिरी दीवार, कर्मचारी खा रहे थे खाना
कॉलोनी निवासियों का ठेकेदार पर गुस्सा फूट गया। ठेकेदार ने अपना बचाव करते हुए कहा कि दीवार अपने आप गिरी है, जिस समय दीवार मकानों पर गिरी उस समय उनके कर्मचारी खाना खा रहे थे, उनकी इसमें कोई गलती नहीं है।
तीन लोगों ने भाग कर बचाई जान
सैनीपुरा कॉलोनी निवासियों ने बताया कि जिस समय फैक्टरी की इमारत गिरी, उस समय मेन गली से तीन युवक गुजर रहे थे। जिन्होंने दौड़ कर अपनी जान बचाई। गौरतलब है कि 4 दिन पहले इसी फैक्टरी की चौथी मंजिल को गिराया गया था, उस समय इमारत गिराने वाले कर्मचारी ने भागकर अपनी जान बचाई थी। कॉलोनी निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार इमारत गिराने में कोई सुरक्षा उपकरणों का ध्यान नहीं दे रहा है।
पानीपत। फैक्टरी को तोड़ते वक्त दिवार गिरी घर के ऊपर टूटी पड़ी दिवार।- फोटो : Panipat
पानीपत। फैक्टरी को तोड़ते वक्त दिवार गिरी घर के अंदर, पड़ी हुई टूटी हुई इट्टे व पत्थर।- फोटो : Panipat
पानीपत। तीन घरों के ऊपर फेक्टरी की दीवार टूट कर गिरी।- फोटो : Panipat