अपने पिता का अंतिम संस्कार करती तान्या भाटिया व उनकी बहन। स्रोत : स्वयं
पानीपत। विदेश में पढ़ाई कर रही तान्या भाटिया और उनकी बहन ने रविवार को पानीपत आकर अपने पिता संजय भाटिया का अंतिम संस्कार किया और समाज में पुरानी सोच और मानसिकता में रखने वाले लोगों को संदेश दिया कि बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। हर जगह कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
शिव धाम श्मशान घाट के प्रधान सुभाष गुलाटी ने बताया कि संजय भाटिया की शुक्रवार को जीवन यात्रा पूरी हो चुकी थी लेकिन बेटी तान्या भाटिया और उनकी बहन ने ऑस्ट्रेलिया से आकर रविवार को अपने पिता को मुखाग्नि दी। उनके इस साहस ने समाज को संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है।