पानीपत। देश को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संंदेश देने वाली हाली की धरती पानीपत में बेटियों का कोख में ही कत्ल किया जा रहा है। इनको सड़क किनारे, कूड़े के ढेर, झाड़ियों व नालियों में फेंक दिया जाता है। पिछले 10 साल की बात करें तो लगभग 63 भ्रूण व लावारिस नवजात बच्चियां मिल चुकी हैं।
इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई केवल मुकदमा दर्ज करने और स्वास्थ्य विभाग केवल एमपीटी किट पकड़ने तक सिमटा हुआ है। मशहूर शायर अल्ताफ हुसैन हाली ने पानीपत में बेटियों की शिक्षा की अलख जगाई थी।
उन्होंने उस समय बेटियों के लिए स्कूल शुरू किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 में पानीपत की धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। स्वास्थ्य विभाग समेत दूसरे कई विभाग सक्रिय हुए और लिंगानुपात में काफी सुधार आया। यह 955 तक पहुंच गया था। अब लिंगानुपात घटकर 909 रह गया है। यानी 1000 लड़कों पर 909 लड़की हैं।
नवजात को बचाने के लिए रख गए पालने : जिले में लगातार भ्रूण व लावारिस नवजात बच्ची मिलने के केस बढ़ने पर प्रशासन, रेडक्रॉस व नागरिक अस्पताल द्वारा पालने रखे गए हैं। ताकि नवजात की जान बचाई जा सके। कोई कुत्ता या जानवर उसे नोच न सके। आर्य समाज मॉडल टाउन में दो साल पहले एक नवजात मिला था।
पुलिस ने अब तक चार मामलों में ही आरोपियों को पकड़ा है। जुलाई 2018 में बच्ची को जन्म देने वाली मां व उसकी नानी को ढूंढ को गिरफ्तार किया था। नवंबर 2018 में अंसल की झाड़ियों में नवजात मिली थी। पुलिस ने 94 दिन बाद नवजात की मां को गिरफ्तार किया था। 17 जनवरी 2022 में शिवनगर में नवजात बच्ची की मां की तलाश कर लिया था। 19 मार्च 2024 में जिला नागरिक अस्पताल में पांच माह का भ्रूण मिला था। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले और मां को गिरफ्तार कर लिया था। संवाद