पानीपत। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जैन मोहल्ला में जैन धर्म के सबसे पवित्र दसलक्षण पर्व का पांचवां दिन बड़े ही भव्य रूप के साथ मनाया गया। पर्व के पांचवें दिवस को उत्तम सत्य धर्म के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में 64 ऋद्धि विधान का भव्य आयोजन हुआ। सर्वप्रथम श्री महावीर जी का अभिषेक एवं शांति धारा संपन्न हुई। उसके पश्चात नित्य नियम पूजन के साथ चौंसठ ऋद्धि विधान का शुभारंभ हुआ। साथ ही, भगवान महावीर जिनालय अग्रवाल मंडी में सभी ने धूमधाम से इस उत्सव को मनाया।
नीटू जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि दसलक्षण पर्व के अवसर पर अग्रवाल मंडी में सभी सामूहिक पूजन में भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को कल्याण मंदिर विधान का आयोजन किया जाएगा जिसमें विशेष रूप से भगवान पार्श्वनाथ की पूजा आराधना की जाती है। भूपेश जैन ने बताया कि भाद्रमाह शुक्ल नवमी को दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण पर्व का पांचवां दिन होता है जिसे उत्तम सत्य धर्म के रूप में मनाया जाता है। जिसका भावार्थ है कि झूठ बोलना बुरे कर्म में बढोतरी करता है। सत्य जो ''सत'' शब्द से आया है जिसका मतलब है वास्तविक होना। उत्तम सत्य धर्म हमे यही सिखाता है कि आत्मा की प्रकृति जानने के लिए सत्य आवश्यक है और इसके आधार पर ही परम आनंद मोक्ष को प्राप्त करना मुमकिन है। अपने मन आत्मा को सरल और शुद्ध बना लें तो सत्य अपने आप ही आ जाएगा। श्री दिगंबर जैन मंदिर जैन महोल्ला के साथ जिले के सभी सातों मंदिरों में भी दसलक्षण पर्व मनाया गया। संध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम और आरती में सभी शामिल हुए।
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पावन ज्योत नगर भ्रमण आज
मंदिर प्रबंधक पुनीत जैन ने बताया कि शुक्रवार 13 सितंबर को श्री दिगंबर जैन मंदिर जैन मोहल्ला से संध्या के समय पावन जोत का नगर भ्रमण कराया जाएगा। यह परंपरा ढाई सौ वर्ष से पानीपत में निर्बाध रूप से आयोजित की जा रही है। महाआरती श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जैन मोहल्ला से प्रारंभ होकर श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर मेन बाजार एवं श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर दुंदीवालान से होते हुए उन्हें श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जैन मोहल्ला में संपन्न होगी।