फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डी-प्लान के कामों में गड़बड़ी, एसपी को केस दर्ज करने के लिए लिखा, पीओ एक माह की छुट्टी पर गए

Thu, 16 Feb 2017 12:24 AM IST
पानीपत/ अमर उजाला/ब्यूरो
विज्ञापन
लोहाघताट के ठाडाढुंगा वार्ड में स्वयं क्षतिग्रस्त सडक की मरम्मत का कार्य करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जिले में डी-प्लान के तहत वैसर और उरलाना खुर्द में बिना टेंडर करीब साढ़े आठ लाख के दो काम पूरे करा दिए गए। इस गड़बड़ी के पकड़े जाने के बाद प्रशासन ने ठेकेदार पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। एडीसी ने एसपी को पत्र लिखकर आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के कहा है।
विज्ञापन


इन सबके बीच प्लानिंग अधिकारी करीब माह की लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। दोनों काम करने का शक प्लानिंग अधिकारी के ठेकेदार बेटे पर है। एडीसी ने मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही है।  जिले में डी-प्लान के तहत इस साल करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाने हैं।

इसमें दो करोड़ रुपये का बजट चालू सत्र में आया था, जबकि साढ़े सात करोड़ का बजट पिछले सत्र का बचा हुआ है। एडीसी ने गत दिनों मीटिंग लेकर डी-प्लान के विकास कार्यों की रिपोर्ट ली थी। एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को काम जल्द पूरे करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन


प्रशासन को मार्च के आखिर में ग्रांट लैप्स होने का डर था। ऐसे में आनन-फानन में काम शुरू कर दिए गए। इन सबके बीच जिले के गांव वैसर में साढ़े तीन लाख और उरलाना खुर्द में पांच लाख के काम बिना टेंडर के पूरे करा दिए गए। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के सामने मामला आया तो इसकी जानकारी एडीसी को दे दी गई।

प्राथमिक जांच में दोनों काम जिला प्लानिंग अधिकारी रणबीर देशवाल के बेटे के करने की बात सामने आई। इसके बाद प्लानिंग अधिकारी और एक्सईएन पंचायती राज के बीच तकरार बढ़ गई। मामला बढ़ते देख प्लानिंग अधिकारी रणबीर देशवाल करीब एक माह की छुट्टी मंजूर कराकर चले गए।

एडीसी के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने इसकी जांच जिला परिषद के अकाउंट अफसर को सौंप दी। एडीसी ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए एसपी को भी पत्र लिख दिया। एसपी को लिखे पत्र में वैसर और उरलाना खुर्द गांव में अज्ञात व्यक्ति द्वारा दो विकास कार्य करने की बात कही गई है। पत्र मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने एडीसी से उस संदिग्ध व्यक्ति का नाम जानने का प्रयास किया है। 

हो सकता है बड़ा मामला 
जानकारों की माने तो इन दोनों कामों में प्लानिंग अधिकारी का नाम आता है तो मामला बड़ा हो सकता है। विभाग के जानकारों के अनुसार कर्मचारी आचरण नियमावली के अनुसार ऐसा करना गलत है। इसके तहत अधिकारी या कर्मचारी अपने सगे संबंधी या रिश्तेदार को लाभ का कार्य नहीं दे सकता।

प्लानिंग अधिकारी के बेटे का नाम सामने आता है तो उनकी विभागीय जांच शुरू हो सकती है। प्लानिंग अधिकारी पर आरोप साबित होते हैं तो उन पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। उनको सस्पेंड तक किया जा सकता है। 

यह है मामला 
डी-प्लान के तहत उरलाना खुर्द व वेसर गांव में दो गलियों का निर्माण कार्य बिना वर्क ऑर्डर के करा दिया गया। दोनों काम करीब साढ़े आठ लाख रुपये के हैं। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत किए जाने वाले कामों के बिल पास करने की पॉवर एडीसी के पास आई तो मामला पकड़ में आ गया।

इसमें प्लानिंग अधिकारी रणबीर देशवाल के बेटे द्वारा दोनों गली बनाने की बात सामने आई। कुछ जानकार तो यहां तक बताते हैं कि प्लानिंग अधिकारी पंचायती राज के तहत होने वाले पांच लाख तक के कामों से कुछ काम अपने बेटे के लिए बचाकर रखते थे। 

डी-प्लान के तहत वैसर और उरलाना खुर्द में दो निर्माण कार्य बिना टेंडर करने का मामला सामने आया था। इसको लेकर एसपी को पत्र लिखकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। वे भी अपने स्तर पर जिला परिषद के एओ से इसकी जांच करा रहे हैं। इसमें दोषी अधिकारी या संबंधित ठेकेदार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन

राजीव मेहता, एडीसी, पानीपत। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें