जिले के स्काईलार्क कार मैकेनिक बाजारों के दुकानदारों को भी महामारी के बाद से मंदी का सामना करना पड़ रहा है। यह जिले का बड़ा कार मैकेनिक बाजार है। पहले यहां मैकेनिक को खाना खाने का समय भी नहीं मिलता था, अब वह दिन भर खाली बैठे रहते हैं। उनका कहना है कि एक तो पहले ही महामारी हमारा व्यापार निगल गई है, ऊपर से इंधन के दाम बढ़ने की वजह से लॉकडाउन के बाद से लोग कार कम चला रहे हैं। इस वजह से वे न तो सर्विस कराने के लिए अपनी गाड़ियां लेकर आ रहे हैं, न ही इंजन व अन्य काम कराने के लिए आ रहे हैं।
घर चलाने में आ रही दिक्कत
सभी दुकानदारों को अपना घर चलाने में दिक्कतें आ रही हैैं। बाजार में केवल 50 प्रतिशत की काम बचा है। बाजार में कुछ दुकानदार ऐसे हैं, जिनके पास दिन भर में एक भी गाड़ी ठीक होने के लिए नहीं आती है।
-कशिश, दुकानदार
व्यापार का मत पूछो, हालात बहुत खराब हैं
व्यापार का मत पूछो, हालात बहुत ही खराब हैं। घर चलाने में परेशानी हो रही है। कभी 100 तो कभी 200 रुपये की ही कमाई होती है। ऊपर से हर महीने बिजली का बिल और दुकान का किराया भी देना होता है।
-गौरव, दुकानदार
लोगों की जेब खाली, नहीं चला रहे गाड़ी
मैकेनिक मार्केट में पहले इतनी मंदी नहीं थी, पहले लोग हमेशा गाड़ियां चलाते ही थे। लेकिन दूसरी लहर के बाद लोगों की जेब खाली होने के कारण लोग गाड़ी में चलने के बजाए बाइक व स्कूटी पर चलने लगे है।
-पीयूष, दुकानदार
सरकार को मध्यम वर्ग को रियायत देनी चाहिए
दूसरी लहर के बाद हमारा केवल 30 प्रतिशत ही व्यापार बचा हुआ है। सरकार को हम मध्यम वर्ग के दुकानदारों को रियायत देनी चाहिए, ताकि हमें अपने अपने घर का खर्चा चलाने में दिक्कत का सामना न करना पड़ा।
-सुशील, दुकानदार
बहुत कम ग्राहक ही दुकान पर आ रहे हैं
बहुत कम ग्राहक दुकान पर आ रहे हैं। दूसरी लहर के बाद से बाजार से मंदी जाने का नाम नहीं ले रही है। पहले शाम को हमारी दुकानदारी तेज रहती थी, लेकिन अब सुबह शाम का भी कोई खास असर नहीं है।
-साहिल, दुकानदार