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ापौली के गांवों में लोग नहीं लगवा रहे वैक्सीन, मजदूर मजदूरी छोड़कर नहीं कराना चाहते वैक्सीनेशन

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लोगों को वैक्सीनेशन के लिए मनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के मन में वैक्सीनेशन को लेकर गलत धारणा बनी हुई है। सबसे कम वैक्सीनेशन बापौली क्षेत्र में हो रहा है। यहां पर गांव गढ़ी बैसक, राणा माजरा, तामशाबाद, झांबा, पत्थरगढ़, जलालपुर प्रथम व द्वितीय, बापौली, सनौली, नवादा आर व पार में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसी ही स्थिति पानीपत के गौंसअली क्षेत्र की है। आशा वर्कर घर घर जाकर लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक कर रही हैं, लेकिन इसका कोई खास फायदा नहीं हो रहा है। फैक्टरियों व कारखानों में काम करने वाले लोग काम छोड़कर वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते, क्योंकि इससे उनका एक दिन का वेतन कटता है। अब तक जिले में 2 लाख 16 हजार लोगों को वैक्सीन लगी हैं। अनुमान के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के महज 55-60 हजार लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई है।
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जिले में 18-44 कैटेगरी में अब तक 76 हजार को टीका लग चुका है। जोकि उम्र के हिसाब से हर कैटेगरी में सबसे ऊपर है। इस कैटेगरी में 3 मई से टीकाकरण शुरू हुआ था, तब से लेकर यानी जिले में हर रोज औसतन 1632 से ज्यादा लोगों को टीका लग रहा है। इसके अलावा 1 अप्रैल से शुरू हुए 45 प्लस से ज्यादा कैटेगरी में अब तक 78 दिनों में 136700 को टीका लगा है। इसमें 45-59 कैटेगरी में अब तक 74645 को 60 प्लस के 62 बुजुर्गों को टीका लगा है।
वैक्सीन लगवाना भी देशभक्ति : डॉ. पासी
लोगों से अपील है कि वो वैक्सीन को लेकर गलत धारणा छोड़ें। वैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित करें। वैक्सीन लगवाना भी सच्ची देशभक्ति है। विभाग अपनी ओर से वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी लाने का पूर्ण प्रयास कर रहा है।
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-डॉ. मनीष पासी, नोडल अधिकारी वैक्सीनेशन कार्यक्रम
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