पुलिस के साथ तनातनी और धक्का-मुक्की के बाद किसान सांसद और शहरी विधायक के घर के सामने कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर ही हटे। किसानों को पीछे हटाने के लिए पुलिस ने लाठियां तक फटकारीं, लेकिन किसान डटे रहे। आखिर पुलिस ने एक किसान को सांसद के घर के सामने जाने की अनुमति दी। जिसने जाकर विरोध स्वरूप कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। दूसरी ओर किसान नेेताओं ने कहा कि दूूसरे राज्यों में किसानों पर सरकार ने मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मुकदमों को वापस लिया जाए। इसके विरोध में सोमवार को जिले के पुलिस थानों का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।
किसानों की ओर से एक दिन पहले ही सांसद और विधायक आवास के बाहर कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकने की चेतावनी दी गई थी। तय कार्यक्रम के तहत किसान शनिवार को सांसद आवास के बाहर पहुंचे। इस दौरान पुलिस प्रशासन पहले से ही मुस्तैद मिला। पुलिस ने किसानों को प्रतियां फूंकने से रोका, लेकिन किसान भाजपा नेताओं के घरों के बाहर प्रतियां फूंकने को लेकर अड़े रहे। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच करीब 15 मिनट तक तनातनी की स्थिति बन गई। हल्की धक्क-मुक्की भी हुई। पुलिस ने लाठियां फटकार कर किसानों को पीछे करने की कोशिश की, लेकिन किसान डटे रहे। इसके बाद कुछ किसान सड़क पर ही लेट गए। आखिर पुलिस को किसानों के आगे झुकना पड़ा। एक किसान को सांसद के घर के सामने जाकर कृषि कानून की प्रतियां जलाने की अनुमति दी गई। जिसके बाद किसान हटे। भारतीय किसान यूनियन की दूसरी किसानों की टीम ने ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा के घर के कुछ दूर पहले ही प्रतियां जलाकर विरोध जताया।
पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कर रखी थी बेरिकेडिंग
भारतीय किसान यूनियन के नेताओं और जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने सोशल मीडिया के जरिए पहले ही प्रतियां जलाने के बारे में चेता दिया था। जिसको ध्यान में रखते हुए शहरी विधायक प्रमोद विज और सांसद संजय भाटिया के घर के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। किसानों को रोकने के लिए मॉडल टाउन में नेताओं के आवास से सौ-सौ मीटर दूर बेरिकेड्स लगा दिए गए थे। दूसरी ओर ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा के घर के बाहर भी पुलिस बल तैनात था।
प्रतियां जलाने के बाद जनसंपर्क अभियान को निकले किसान
प्रतियां जलाने के बाद जिले के किसान नेता व जिलाध्यक्ष जनसंपर्क अभियान को ध्यान में रखते हुए लोगों को दिल्ली कूच के प्रति जागरूक करने के लिए गांवों की ओर निकल पड़े। किसानों का कहना है कि प्रतियां फूंकना तो बस सरकार को चेतावनी देना है। 10 जून को दिल्ली कूच करके किसान दिल्ली बॉर्डर तक जाएंगे और अपनी मांग पूरी करने की सरकार से गुहार लगाएंगे।
पुलिस के लाठी फटकारने के बाद भी शांतिपूर्ण ढंग से प्रतियां जलाईं : जाखड़
पुलिस के लाठी फटकारने के बाद भी किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। पुलिस ने कई बार सांसद व शहरी विधायक के घर के बाहर प्रतियां जलाने से रोका पर किसान पीछे नहीं हटे। वापस न जाने पर पुलिस ने किसानों को रोकने की भी कोशिश की, लेकिन किसान शांत रहे। जिसके कारण पुलिस ने पूरी तरह से बल प्रयोग नहीं किया।
-सुधीर जाखड़, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन