पानीपत। राधाकृष्ण गोशाला समिति जिले में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए जरूरतमंद गरीब लोगों को रोज ऑक्सीजन के 500 सिलिंडर मुहैया कराएगी। यह ऑक्सीजन के सिलिंडर हिमाचल प्रदेश, यमुनानगर और कैथल से लाएं जाएंगे। अभी तक ऑक्सीजन के सिलिंडर समिति पानीपत से ही उपलब्ध करवा रही थी। समिति पिछले 15 दिन में मांग अनुसार करीब 22 सौ सिलिंडर उपलब्ध करवा चुकी है। पहले दस दिन रोजाना सौ के करीब और बाद में मांग बढ़ने पर दो सौ से ढाई सौ सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे थे। अब इनकी संख्या अब दोगुनी कर दी गई है। गोशाला समिति की ओर से शुक्रवार को इसकी पूरी तैयारी कर ली गई।
बता दें कि राधाकृष्ण गोशाला समिति के पदाधिकारी ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराने का सारा खर्च खुद उठा रहे हैं। एक सिलिंडर की लागत समिति को दो हजार रुपये तक पड़ रही है, लेकिन किसी भी जरूरतमंद से ऑक्सीजन के लिए एक भी पैसा नहीं लिया गया है। यह काम समिति ने परेशान लोगों की मदद के लिए शुरू किया है। राधाकृष्ण गोशाला समिति में प्रधान राजीव जैन, संजय गोयल, पुनीत, अजय, संदीप, गौरव, अनिल और अन्य सदस्य इस काम में दिनरात लगे हैं।
सोनीपत और कुरुक्षेत्र के अस्पतालों में दाखिल मरीजों का खर्च भी उठा रही समिति
सोनीपत और कुरुक्षेत्र के अस्पतालों में दाखिल पानीपत वासियों का इलाज भी संस्था निशुल्क करा रही है। सोनीपत के निजी अस्पतालों में 25 और कुरुक्षेत्र में 15 मरीजों का इलाज चल रहा है। कोरोना संक्रमित यह मरीज जरूरतमंद हैं और इलाज का खर्च रहीं उठा सकते हैं। संस्था के प्रधान राजीव जैन ने बताया कि जिले के कई निजी अस्पताल भी मरीजों के इलाज में समिति की मदद कर रहे हैं।
ऑक्सीजन देने से पहले पुख्ता किया जा रहा है, जरूरतमंद हैं या नहीं
समिति का मकसद गरीब जरूरतमंदों तक निशुल्क ऑक्सीजन और इलाज पहुंचाना है। ऐसे में जब उन्हें मदद के लिए कोई संपर्क करता तो पहले पुख्ता किया जाता है कि वह जरूरतमंद है भी या नहीं। इसके बाद ही मदद की जाती है। साथ ही जरूरतमंदों केे लिए निशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। कोई जरूरतमंद है या नहीं, इसका सत्यापन करने के लिए 15 सदस्य काम कर रहे हैं।
रोज 500 ऑक्सीजन सिलिंडर देकर 500 जिंदगी बचाने का लक्ष्य लेकर समिति चल रही है। अभी तक समिति रोज 200 से 250 ऑक्सीजन सिलिंडर गरीबों को निशुल्क दिए जा रहे थे। पानीपत में ऑक्सीजन की कमी के बाद हिमाचल, यमुनानगर और कैथल से ऑक्सीजन मंगाई जा रही है।
-राजीव जैन, प्रधान राधाकृष्ण गोशाला समिति