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कोरोना का टेक्सटाइल नगरी पर विपरित प्रभाव, 12 स्पीनिंग प्रोजेक्ट हुए रद्द

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संदीप भौरिया
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पानीपत। कोरोना का टेक्सटाइल नगरी पर फिर से प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रवासी श्रमिकों ने दोबारा पलायन शुरू कर दिया है। श्रमिकों को भय है कि दिल्ली और राजस्थान के बाद हरियाणा में भी लॉकडाउन लग सकता है। फैक्टरियों से धीरे-धीरे श्रीमिक कम होते जा रहे हैं। दूसरी ओर पानीपत में आने वाले कई बड़े प्रोजेक्ट भी अटक गए हैं। मार्च में पानीपत, पंजाब और प्रदेश के दूसरे जिलों के कई बड़े उद्यमी स्पिनिंग मिल के 12 बड़े प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी कर रहे थे। कोरोना के कारण ये प्रोजेक्ट भी रद्द कर दिए गए हैं। चीन से धागा बनाने की कई हाइटेक मशीनें आनी थी, वे भी कोविड के कारण अटक गईं हैं। पानीपत के उद्यमियों को उच्च तकनीक वाली मशीनों के लिए चीन जाना था, वहां की सरकार की शर्तों के कारण उद्यमियों ने वे प्रोजेक्ट भी रोक दिए हैं।
कोरोना के कारण उद्यमियों को फैक्टरियों में रात की शिफ्ट रद्द करनी पड़ी है। अब एक ही शिफ्ट में 12 घंटे के लिए उद्योगों को चलाया जाएगा। उधर, महाराष्ट्र और गुजरात में भी नाइट कर्फ्यू होने के कारण वहां धागे और कंबल की आपूर्ति बंद है। उद्यमियों के गोदामों में ऑर्डर तैयार पड़े हैं। उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
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10 हजार श्रमिकों ने छोड़ा शहर
प्रवासी श्रमिकों में अब भी लॉकडाउन का भय है। उद्यमी को उन्हें समझाने और मनाने के भी प्रयास करने पड़ रहे हैं। इससे पूर्व उद्यमियों को लॉकडाउन के बाद फैक्टरी को फिर से चालू करने के लिए श्रमिकों का वेतन 30 फीसदी तक बढ़ाना पड़ा था। अब दोबारा फिर श्रमिकों ने पलायन शुरू कर दिया है। अब तक 10 हजार से अधिक श्रमिक पानीपत छोड़कर बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा जा चुके हैं।
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बड़े प्रोजेक्ट हुए रद्द : प्रीतम
कोरोना के कारण जिले में लगने वाले धागे के 12 बड़े प्रोजेक्ट रद्द हो गए हैं। ये सभी बड़े प्रोजेक्ट थे। इनसे काफी लोगों को रोजगार मिलना था। चीन में भी कई बड़े प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। उद्योग पिछले लॉकडाउन और किसान आंदोलन के नुकसान से उभर नहीं पाए थे। अब दोबारा बड़ा नुकसान हो रहा है।
- प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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