जिले में कोरोना संक्रमितों के लिए ऑक्सीजन बेड का संकट खड़ा हो गया है। जिले के तीन बड़े अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के लिए तैयार किए गए ऑक्सीजन बेड फुल हो हो गए हैं। यूं तो स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमितों के लिए 1850 बेड की व्यवस्था की है, लेकिन इनमें से ऑक्सीजन बेड करीब 225 ही हैं, वे भी फुल हो चुके हैं। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तीनों निजी अस्पतालों को कोविड के लिए डेडिकेटेड 10-10 ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की अनुमति दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन बेड की जरूरत को देखते हुए सोमवार को शोभित अस्पताल को भी को कोविड के लिए डेडिकेटेड अस्पताल बना दिया है। इसके साथ ही मैक्स अस्पताल, रेनबो अस्पताल और गैलेक्सी अस्पताल ने भी कोरोना के मरीजों का इलाज करने की अनुमति मांगी है। जल्द इन अस्पतालों का स्वास्थ्य विभाग निरीक्षण करेगा और फिर अनुमति दी जाएगी। अगर तीन अस्पतालों को अनुमति मिल गई तो कुल सात निजी अस्पताल कोविड डेडिकेटेड अस्पताल हो जाएंगे।
दूसरी ओर डॉ. प्रेम अस्पताल, पार्क अस्पताल और आईबीएम अस्पताल के ऑक्सीजन बेड पूरी तरह भर चुके हैं। यहां आने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। सभी अस्पताल कोविड-19 अस्पताल नहीं है, ऐसे में वे कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती भी नहीं कर सकते हैं। जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर करीब 60 वेंटिलेटर हैं, लेकिन यह सभी वेंटिलेटर कोविड-19 के लिए डेडिकेटेड नहीं हैं। ऑक्सीजन बेड नहीं मिलने पर जहां वेंटिलेटर खाली थी, उनमें मरीजों को मजबूरन शिफ्ट किया गया, जबकि जरूरत सिर्फ ऑक्सीजन बेड की ही थी।
सिविल अस्पताल के भी ऑक्सीजन बेड फुल
सिविल अस्पताल में भी 18 ऑक्सीजन बेड हैं, जोकि फुल हैं। जिले में फिलहाल 13 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इनकी हालत गंभीर है। वहीं एनजी कॉलेज में आइसोलेशन के ही संक्रमित मरीजों को शिफ्ट किया जा रहा है। यहां पर 577 सामान्य बेड हैं।
बिस्तरों की स्थिति :
नाम : मरीज ऑक्सीजन बेड
आईबीएम अस्पताल : 15 15
प्रेम अस्पताल : 70 70
पार्क अस्पताल : 45 45
सिविल अस्पताल : 18 30
समालखा अस्पताल : 10 30
अब सैंपल की कुल संख्या में 25 प्रतिशत तक आ रहे संक्रमित
अब सैंपल की कुल संख्या में संक्रमितों की संख्या 25 प्रतिशत पहुंच चुकी है। बुजुर्ग युवाओं के साथ ही अब बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। अब जो मरीज मिल रहे हैं, उनमें से 30 प्रतिशत संक्रमित 20 वर्ष से कम आयु के हैं। सिविल अस्पताल में अब भी लगभग 4 हजार लोगों की रिपोर्ट पेंडिंग है।
व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है : डॉ. सुनील
व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ नए अस्पतालों को भी कोविड का इलाज करने की अनुमित मिलेगी। इसके लिए प्रक्रिया जल रही है। निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। अस्पतालों में 10-10 बेड और बढ़ाए जा रहे हैं।
डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत।