हरियाणा के पानीपत से हरिद्वार को रवाना हुईं 17 बसों को उत्तराखंड सीमा से बुधवार को वापस लौटना पड़ा। इन बसों में 900 यात्री सवार थे। इनमें से किसी के पास कोरोना की जांच रिपोर्ट नहीं थी। बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने कुंभ मेला की वजह से कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है। अगर उत्तराखंड जाना है तो यात्रा से 72 घंटे पहले तक की निगेटिव कोरोना रिपोर्ट होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर उत्तराखंड में प्रवेश नहीं मिलेगा।
दरअसल, जानकारी के अभाव में यह यात्री बिना टेस्ट रिपोर्ट के उत्तराखंड जाने वाली बसों में बैठकर रवाना हो गए। वहीं रोडवेज विभाग को भी बसों में यात्रियों को बैठाने से पहले पानीपत में ही जांच रिपोर्ट देखना चाहिए था। उधर, पानीपत रोडवेज ने सभी 900 यात्रियों का किराया वापस कर दिया है। जिस कारण रोडवेज को घाटा हुआ है।
मंगलवार को ही सीएमओ से अपील की थी कि यात्रियों की सुविधा के लिहाज से डिपो में एक टीम की तैनाती कर टेस्ट कैंप लगाया जाए। जिससे वे यात्री टेस्ट करा सकें, जिन्हें उन राज्यों में जाना हैं, जहां आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है। बुधवार को भी डिपो में कैंप नहीं लगाया गया। - विकास नरवाल, जीएम, पानीपत डिपो।