समालखा स्थित पशु अस्पताल में कार्यरत गांव मनाना निवासी कंपाउंडर से दुष्कर्म के मामले में समझौते के नाम पर तीन लाख रुपये लेते हुए एक बिचौलिए को शहर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कंपाउंडर के अनुसार एक महिला ने उसके खिलाफ दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसकी एवज में समझौते के नाम पर उसने अपने प्रेमी और पड़ोसी संग मिलकर उससे पांच लाख रुपये की मांग की। तीन लाख रुपये में सौदा तय कर लिया। लघु सचिवालय में शनिवार को उसे तीन लाख रुपये लेकर बुलाया था। उसने पुलिस की मदद ली और लघु सचिवालय में एटीएम बूथ के पास पहुंचा। जहां पर उसे महिला का पड़ोसी मिला। जिसने तीन लाख रुपये लिए और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। महिला और उसके प्रेमी की तलाश जारी है।
समालखा के गांव मनाना निवासी एक युवक ने बताया कि वह समालखा पशु अस्पताल में कंपाउंडर है। गत 23 मार्च को उनके ही गांव निवासी प्रदीप एक महिला को साथ लेकर अस्पताल पहुंचा था। उसने महिला को जानकार बताया और उसे चाय लेने के लिए भेज दिया। जब वह चाय लेकर लौटा तो प्रदीप महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिला। जिसका उसने विरोध किया तो प्रदीप और महिला ने उसे दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। गत 25 मार्च को उसके पास फोन आया और कहा कि वह कोर्ट से बोल रहा है, महिला ने उसके खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने केस निपटाने की एवज में उसे कोर्ट आने को कहा। जिसके बाद वह समालखा थाने गया और प्रदीप एवं महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। जबकि महिला ने भी 30 मार्च को महिला थाने में उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामला निपटाना है तो पांच लाख लगेंगे, नहीं तो जेल की हवा खाओ
पीड़ित ने बताया कि एक मार्च को उसके पास प्रदीप का फोन आया और कहा कि अगर वह मामला निपटाना चाहता है तो पांच लाख रुपये देने होंगे। रकम नहीं मिली तो जेल की हवा खाने के लिए तैयार हो जाओ। उसने समलाखा थाने में दर्ज रिपोर्ट भी वापस लेने की बात कही। जिसके बाद प्रदीप ने नसीर नाम के एक युवक का नंबर दिया।
सरकारी अस्पताल में बुलाया, तीन अप्रैल तक मांगे थे तीन लाख
नसीर ने मीटिंग के लिए उन्हें पानीपत के सामान्य अस्पताल बुलाया था। जहां पर उसने तीन अप्रैल तक तीन लाख रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा। रुपयों का इंतजाम होने के बाद फोन करने पर वह दुष्कर्म के मामले में समझौते का शपथ पत्र महिला से दिला देगा।
थाने पहुंचकर मांगी मदद, पुलिस ने की तत्परता से कार्रवाई
सामान्य अस्पताल में हुई मीटिंग के बाद कंपाउंडर तीन अप्रैल को शहर थाना पहुंचा और मदद की अपील की। जिसके बाद उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचते ही एसपी शशांक कुमार सावन ने पांच सदस्यों की एक टीम गठित की और पंचायती राज के एसडीओ नरेश डिल्लो को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। वह पुलिस की टीम के साथ लघु सचिवालय पहुंचे। एटीएम बूथ के पास उन्हें देशराज कॉलोनी निवासी नसीर मिला। जिसने तीन लाख रुपये ले लिए। रुपये लेते ही पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
कोर्ट में ही इंतजार कर रही थी आरोपी महिला
कंपाउंडर ने बताया कि रुपये लेकर उसने अपने चाचा और बेटे को पुलिस के साथ लघु सचिवालय भेजा था। उसकी फोन पर बात हुई तो महिला ने बताया कि वह कोर्ट में ही है। उसने रुपये लेने के लिए नसीर भेजा है।
दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराकर समझौते की एवज में तीन लाख रुपये लेते हुए आरोपी नसीर को गिरफ्तार कर लिया है। महिला और युवक प्रदीप फरार है, जिनकी धरपकड़ का प्रयास जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय