105 करोड़ की फर्जी बिलिंग और सवा 19 करोड़ की जीएसटी चोरी के आरोपी मोहित बठला को सीजीएसटी टीम ने शनिवार को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर ले लिया। रिमांड के दौरान अधिकारी जीएसटी घोटले में विभिन्न पहलुओं की जांच करेंगे, जिसके बाद इस मामले में कई और परतें खुल सकती हैं। फिलहाल आरोपी का बैंक अकाउंट सील कर दिया गया है। उसके कंप्यूटर और लैपटॉप की जांच की जा रही है। सीजीएसटी की टीमें इस एंगल पर भी जांच करेंगी कि कहीं यह फर्जीवाड़ा किसी जीएसटी अधिकारी व कर्मचारी के संरक्षण में तो नहीं किया गया। बठला की फर्म से संबंध रखने वाली हर कंपनी पर अब सीजीएसटी की निगाहें जमी हुई हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि बठला का तारकोल का कारोबार कई प्रदेशों के कई जिलों में फैला हुआ था। अब एक-एक करके जांच रिपोर्ट के जरिए मामले की तहकीकात की जाएगी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 29 दिसंबर को तय की गई है।
ये सामान किया जब्त, बैंक अकाउंट सील
जाटल रोड स्थित मोहित बठला के कार्यालय पर सीजीएसटी टीम की दो दिन तक चली रेड में टीम ने मोहित बठला के पूरे रिकार्ड, किताबें, बिल बुक, जरूरी फाइलों समेत कंप्यूटर लैपटॉप और उनके फोन तक को जब्त कर लिया है। इस दौरान उनके बैैंक अकाउंट को भी सीज कर दिया गया है। बता दें कि रेड के समय मोहित बठला के आफिस में काम करने वाले सभी कर्मचारियों से भी आफिस के अंदर ही पूछताछ की गई। सीजीएसटी के रडार पर अब बठला परिवार, उनके सगे संबंधी व आसपास के उनके काम से जुड़े लोग भी हैं। अब उनसे भी टीम पूछताछ कर सकती है। माना जा रहा है कि सीजीएसटी मोहित बठला के पूरे रैकेट का टीम जल्द ही पर्दाफाश करेगी।
बता दें कि जीएसटी एक्ट के अनुसार 1 से 2 करोड़ की टैक्स चोरी पर एक साल, दो से पांच करोड़ की टैक्स चोरी पर तीन साल एवं पांच करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी पर पांच साल तक जेल हो सकती है। इसके साथ टैक्स चोरी करने पर जुर्माने एवं ब्याज राशि समेत रिकवरी भी की जाती है।